पिछले एक साल में क्रेडिट रिस्क फंड का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा, क्या इसमें करना चाहिए निवेश?

डेट म्यूचुअल फंड केटेगरी में सिर्फ क्रेडिट रिस्क फंड ने पिछले एक साल में दो अंको में रिटर्न दिया हैं, इसलिए निवेशकों में इसके प्रति आकर्षण बढ सकता हैं

  • Vijay Parmar
  • Publish Date - October 18, 2021 / 02:06 PM IST
पिछले एक साल में क्रेडिट रिस्क फंड का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा, क्या इसमें करना चाहिए निवेश?
Pixabay - डाइवर्सिफाय और अच्छी रेटिंग वाले फंड को चुनने से आपको अच्छे रिटर्न के साथ जोखिमों से बचने में भी मदद मिलेगी.

Credit Risk Fund: डेट म्यूचुअल फंड केटेगरी में सिर्फ क्रेडिट रिस्क फंड ने पिछले एक साल में दो अंको में रिटर्न दिया हैं, इसलिए निवेशकों में इसके प्रति आकर्षण बढ सकता हैं. यदि आप डेट फंड में कॉर्पोरेट बॉन्ड और पीएसयू एंड बैंकिंग बॉन्ड के साथ साथ क्रेडिट रिस्क फंड में निवेश करने के बारे में सोच रहे हैं, तो आपको कुछ चीजों का ध्यान रखना होगा और इसके साथ जुडे जोखिमों से दूर रहना होगा. गिल्ट और डेट फंड्स जैसे अन्य सुरक्षित वर्गों की तुलना में क्रेडिट रिस्क फंड में क्रेडिट जोखिम भी ज्यादा होता है, इसलिए उनके मुकाबले रिटर्न भी ज्यादा मिलता है.

क्रेडिट रिस्क फंड

क्रेडिट रिस्क फंड्स (Credit Risk Fund) ऐसे डेट म्यूचुअल फंड्स हैं जो ज्यादा रिस्की साधनों में निवेश करते हैं. क्रेडिट रिस्क फंड के पोर्टफोलियो में AA और उससे भी कम रेटिंग वाले कॉरपोरेट बॉन्ड की हिस्सेदारी 65 फीसदी तक होती है.

रिटर्न

पिछले तीन साल में उच्च क्वॉलिटी वाले क्रेडिट रिस्क फंड्स में 6% से 10% की रेंज में CAGR रिटर्न दिया हैं. 8,000 करोड रूपये से अधिक AUM वाले HDFC क्रेडिट रिस्क डेट फंड ने तीन साल में 9.81% रिटर्न दिया हैं, वहीं 8,000 करोड़ से थोडी कम AUM वाले ICICI प्रूडेंशल क्रेडिट रिस्क फंड ने 9.56% रिटर्न दिया हैं.

रिस्क

इसमें सबसे ज्यादा रिस्क है. फंड मैनेजर ने जिन साधनों में निवेश किया होगा उसकी रेटिंग ज्यादा डाउन होने से लिक्विडिटी का इश्यू हो सकता है और इंटरेस्ट के साथ-साथ आपका मूलधन भी जोखिम में फंस सकता है. इसके अलावा इसमें लिक्विडिटी और इंटरेस्ट रिस्क भी है. मार्केट और अर्थव्यवस्था में होने वाले बदलाव से रिटर्न में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं. ब्याज दरों में बढोतरी का जोखिम भी ज्यादा रहता हैं.

कैसे चुने सही क्रेडिट रिस्क फंड

अगर आपको क्रेडिट रिस्क फंड्स में निवेश करना हैं, तो आपको अच्छे फंड के लिए यहां बताई गई बातों की जानकारी प्राप्त करनी चाहिए.

पोर्टफोलियो YTM: उच्च YTM (यील्ड टू मैच्योरिटी) में एक अंतर्निहित आकर्षण होता है. हालांकि, यदि YTM सहकर्मी समूह की तुलना में काफी अधिक है, तो इसका मतलब अपेक्षाकृत उच्च स्तर का क्रेडिट जोखिम है. इसके बारे में जानकारी प्राप्त करें.

पोर्टफोलियो का क्रेडिट रेटिंग वितरण: AAA, AA, A, आदि के संदर्भ में संरचना. जाहिर है, रेटिंग जितनी अधिक होगी, फंड उतना ही बेहतर होगा. फंड का पोर्टफोलियो जितना डाइवर्सिफाय होगा और उसमें अच्छी क्वॉलिटी के पेपर्स होंगे उतना ही आपके लिए वह बेहतर हैं.

पोर्टफोलियो एकाग्रता: पोर्टफोलियो जितना अधिक केंद्रित होगा, उतना ही बुरा होगा. IL&FS और DHFL के बाद, हम जानते हैं कि AAA रेटिंग वाली कंपनी भी डिफॉल्ट कर सकती है. हालांकि SEBI की सीमा 10% प्रति जारीकर्ता है, सीमा के भीतर, यदि कोई AMC अधिक विविध पोर्टफोलियो बनाए हुए है, तो वह बेहतर है. 100 पेपर्स वाला एक इक्विटी फंड पोर्टफोलियो ओवर-डायवर्सिफाइड होता है, लेकिन डेट पोर्टफोलियो में कोई ओवर-डायवर्सिफिकेशन नहीं होता है.

AMC का खुद का निवेशः अगर AMC खुद अपने क्रेडिट रिस्क फंड में निवेश कर रही है, तो यह आत्मविश्वास के स्तर को दर्शाता है.

इंटरेस्ट रेट के जोखिम से बचें

अगर आपको कॉरपोरेट बॉन्ड फंडों की पेशकश की तुलना में अच्छी अतिरिक्त उपज मिल रही है, तो अच्छी तरह से प्रबंधित क्रेडिट रिस्क फंडों में निवेश करने पर विचार कर सकते हैं. एक से दो साल की पोर्टफोलियो अवधि के साथ AA-रेटेड बॉन्ड पर ध्यान केंद्रित करने वाले अच्छी तरह से डाइवर्सिफाय क्रेडिट रिस्क फंड AAA रेटेड बॉन्ड पोर्टफोलियो के मुकाबले ज्यादा रिटर्न दे सकते हैं और आपको ब्याज दर जोखिम से भी बचाते हैं.

20 प्रतिशत से ज्यादा निवेश ना करें

हालांकि क्रेडिट फंड अच्छे दिखते हैं, लेकिन उनके द्वारा प्रबंधित सकारात्मक वास्तविक रिटर्न को देखते हुए, वे उन्हें एक आकर्षक निवेश विकल्प बनाने के लिए पर्याप्त नहीं हैं. निवेशक अपने मुख्य पोर्टफॉलियो (core portfolio) में उन्हें शामिल न करें. एक्सपर्ट कम अवधि (लगभग 1-1.5 साल की समय सीमा) वाले क्रेडिट रिस्क फंड में निवेश करने कि सिफारिश करते हैं. क्रेडिट रिस्क फंड में आपका निवेश, आदर्श रूप से, आपके समग्र फिक्स्ड इनकम पोर्टफोलियो के 20 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए.

कितना लगता है टैक्स?

इसमें भी डेट म्यूचुअल फंड की तरह टैक्स लगता है. यदि डिविडेंड मिलता है तो उसे आपकी कुल आय के साथ जोड़ा जाता है और आपके टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है. 3 साल से कम समय में प्रॉफिट कमाते हैं तो शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स आपके स्लैब के हिसाब से लागू होगा और उससे ज्यादा अवधि के बाद प्रॉफिट होने पर 20 फीसदी लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स लागू होगा.

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