SSY Vs KVP Vs PPF Vs SCSS: बेहतर रिटर्न के लिए इन योजनाओं में करें निवेश, पैसा डूबने का नहीं है खतरा

SSY Vs KVP Vs PPF Vs SCSS: किसान विकास पत्र में निवेश की गई राशि 124 महीने (10 साल 4 महीने) में दोगुनी हो जाती है.

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  • Updated On - September 18, 2021 / 02:39 PM IST
SSY Vs KVP Vs PPF Vs SCSS: बेहतर रिटर्न के लिए इन योजनाओं में करें निवेश, पैसा डूबने का नहीं है खतरा
SCSS गारंटीड रिटायरमेंट इनकम प्रदान करती है. इस समय इस योजना में ब्याज दर 7.4 फीसद सालाना है. PC: Pixabay

SSY Vs KVP Vs PPF Vs SCSS: स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स (small savings scheme) सरकार द्वारा समर्थित होती हैं. इनमें जोखिम न के बराबर और रिटर्न बैंक एफडी जैसे निवेश विकल्पों की तुलना में काफी बेहतर होता है. केंद्र सरकार हर तिमाही के लिए इन योजनाओं पर ब्याज दरें तय करती हैं. पब्लिक प्रोविडेंट फंड, सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम, किसान विकास पत्र और सुकन्या समृद्धि योजना प्रमुख स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स हैं, जो सबसे अधिक रिटर्न देती हैं. आइए विस्तार से जानते हैं.

सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)

सुकन्या समृद्धि योजना बेटियों के लिए है। इस स्कीम में अभिभावक अपनी 10 साल से छोटी बेटी के नाम पर पोस्ट ऑफिस या किसी बैंक में खाता खुलवा सकते हैं. एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों के लिए SSY Account खुलवाया जा सकता है. भारतीय डाक की वेबसाइट के अनुसार, इस स्कीम में एक वित्त वर्ष में न्यूनतम 250 रुपये और अधिकतम 1.50 लाख रुपये निवेश किये जा सकते हैं. एसएसवाई अकाउंट में राशि एकमुश्त या किस्तों में जमा करायी जा सकती है. खाता खुलने के अधिकतम 15 साल पूरे होने तक खाते में राशि जमा करायी जा सकती है. वर्तमान में यह योजना 7.6 फीसद चक्रवृद्धि सालाना ब्याज दर की पेशकश कर रही है. इस योजना में मिला ब्याज भी टैक्स फ्री होता है. हर वित्त वर्ष के आखिर में अकाउंट में ब्याज जमा होगा.

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)

पीपीएफ में न्यूनतम 500 रुपये से खाता खुलवाया जा सकता है और अकाउंट में अधिकतम 1.5 लाख रुपये सालाना निवेश किये जा सकते हैं. पीपीएफ 15 साल की मैच्योरिटी अवधि के साथ आता है. निवेशक इसे 5 साल के लिए और आगे बढ़ा सकते हैं। मौजूदा तिमाही के लिए पीपीएफ पर ब्याज दर 7.10 फीसद चक्रवृद्धि सालाना है। इस योजना में हर साल 31 मार्च को ब्याज का भुगतान होता है. निवेशक पीपीएफ की राशि पर लोन भी ले सकते हैं. इस योजना में निवेशकों को कर छूट का फायदा भी मिलता है.

सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS)

SCSS गारंटीड रिटायरमेंट इनकम प्रदान करती है. इस समय इस योजना में ब्याज दर 7.4 फीसद सालाना है. इस योजना में निवेश के लिए आपको 60 साल की आयु का भारतीय नागरिक होना चाहिए. जो लोग स्वैच्छिक या विशेष स्वैच्छिक योजना के तहत सेवानिवृत्त हुए हैं, उनके लिए आयु की आवश्यकता 55 वर्ष है। इसके अलावा जो लोग रक्षा सेवाओं (नागरिक सुरक्षा कर्मचारियों के अलावा) से सेवानिवृत्त हुए हैं, उनके लिए कुछ शर्तों के साथ निवेश के लिए आयु 50 वर्ष. भारतीय डाक की वेबसाइट के अनुसार, SCSS में न्यूनतम निवेश 1000 रुपये और अधिकतम निवेश 15 लाख रुपये किये जा सकते हैं। इस योजना की अवधि 5 साल की है. इसे 3 साल और बढ़ाया जा सकता है. इस योजना में खाता एकल या ज्वाइंट (पति/पत्नी के साथ) खोला जा सकता है.

किसान विकास पत्र (KVP)

किसान विकास पत्र में निवेश की गई राशि 124 महीने (10 साल 4 महीने) में दोगुनी हो जाती है. भारतीय डाक की वेबसाइट के अनुसार, केवीपी इस समय 6.9 फीसद चक्रवृद्धि सालाना ब्याज दर की पेशकश कर रही है. किसान विकास पत्र में न्यूनतम 1000 रुपये निवेश किये जा सकते हैं और अधिकतम राशि की कोई सीमा नहीं है। KVP में 100 के गुणकों में राशि जमा कराई जा सकती है. इस योजना में एकल वयस्क, संयुक्त खाता (3 वयस्क तक), नाबालिग की ओर से एक अभिभावक और मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्ति की ओर से एक अभिभावक खाता खुलवाया सकता है. किसान विकास पत्र में कितने भी खाते खुलवाए जा सकते हैं.

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