फार्मा सेक्टर में लॉन्ग-टर्म ग्रोथ की है उम्मीद, तो क्या इसमें निवेश का यही है सही वक्त?

वर्षों के अंडरपरफॉर्मेंस के बाद, हेल्थकेयर सेक्टर के फंड तेजी के घोड़े पर सवार हैं और लॉन्ग-टर्म ग्रोथ आशाजनक लग रहा है, तो क्या इनमें निवेश सही रहेगा

  • Vijay Parmar
  • Publish Date - September 22, 2021 / 01:17 PM IST
फार्मा सेक्टर में लॉन्ग-टर्म ग्रोथ की है उम्मीद, तो क्या इसमें निवेश का यही है सही वक्त?
Pixabay - फार्मा इक्विटी फंड्स ने पिछले एक साल में औसतन 35.18% रिटर्न दिया है.

Pharma Sector Mutual Funds: कोरोना महामारी से हेल्थकेयर सेक्टर को तेजी का बूस्टर डोज मिला है, जिस कारण फार्मा म्यूचुअल फंड्स ने पिछले एक साल में निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है. कुछ उच्च-रेटिंग वाली स्कीम्स ने तो 40% से भी अधिक रिटर्न दिया है, वहीं सारी स्कीम्स का औसतन रिटर्न भी 30% से ऊपर रहा है. कुछ रिसर्च रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस सेक्टर में तेजी बरकरार रहने की उम्मीद है. कई निवेशक इस सेक्टर में निवेश करने के बारे में सोच रहे हैं ऐसा म्यूचुअल फंड डिस्ट्रिब्युटर्स बताते हैं. तो क्या उनका यह सोचना सही हैं या नहीं ये जानते हैं.

फार्मा/हेल्थकेयर आधारित इक्विटी म्यूचुअल फंड स्कीम्स

अभी इक्विटी कैटेगरी में फार्मास्युटिकल/हेल्थकेयर सेक्टर आधारित स्कीम्स ऑफर करने वाले फंड हाउस की संख्या 10 है, जो कुल मिलाकर 23 स्कीम्स ऑफर कर रहे हैं. किसी भी तरह का सेक्टोरल फंड अपनी संपत्ति का कम से कम 80% किसी विशेष क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों के शेयरों में निवेश करता है. फार्मा फंड भी अधिकतम निवेश फार्मा सेक्टर की कंपनियों के शेयरों में करते हैं.

रिटर्न और एक्सपेंस रेशियो

इन फंड्स ने पिछले एक साल में औसतन 35.18% रिटर्न दिया हैं. 3 साल में इन फंड्स ने औसतन 26.47% और 5 साल में 14.28% रिटर्न दिया हैं. इन स्कीम्स का औसतन एक्सपेंस रेशियो 1.39% हैं.

जोखिम

सेक्टोरल-फार्मा म्यूचुअल फंड इक्विटी में निवेश करते हैं, इसलिए शॉर्ट-टर्म के लिए काफी वोलेटाइल हो सकते हैं. हालांकि, लंबी अवधि में, जोखिम काफी हद तक कम हो जाता है. इनमें आपको विविधीकरण नहीं मिलता हैं, इसलिए यदि फार्मा क्षेत्र चुनौतीपूर्ण समय का सामना करता है, तो आपका निवेश भी चुनौतीपूर्ण समय का सामना करेगा.

क्या अभी सेक्टोरल-फार्मा म्यूचुअल फंड में निवेश करना चाहिए?

सेक्टोरल फंड कुछ सबसे जोखिम भरे म्युचुअल फंड हैं. चूंकि ये फंड केवल एक सेक्टर में निवेश करते हैं, इसलिए कोई सेक्टर विविधीकरण नहीं होता है, और यही उनके उच्च जोखिम का मुख्य कारण है. यदि सेक्टर नीचे जाता है, तो पोर्टफोलियो के सभी स्टॉक गिर जाएंगे.

SEBI-रजिस्टर्ड इंवेस्टमेंट एड्वाइजर अंकित त्रिवेदी कहते हैं, “ये फंड केवल अनुभवी निवेशकों के लिए उपयुक्त हैं, और फिर भी, पोर्टफोलियो का 10% से अधिक इन फंडों में नहीं होना चाहिए.”

बेहतर होगा कि आप अधिक फार्मा एक्सपोजर वाले या इंग्रेडिएंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्पेस के प्रति अधिक एक्सपोजर वाले डायवर्सिफाइड फंड का चयन करें.

एक्सपर्ट कहते हैं कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि फार्मा संभवत: पिछले एक वर्ष में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले क्षेत्र में से एक है. हालांकि थीमैटिक फंडों के साथ समस्या यह है कि वे प्रकृति में थोड़े साइक्लिकल होते हैं, इसलिए आप गलत छोर पर फंस सकते हैं.
यदि आप विषयगत फंडों में शामिल जोखिमों को समझते हैं, तो हेल्थकेयर फंड के दृष्टिकोण से कुछ अच्छी स्कीम्स में निवेश कर सकते हैं.

आपको ऐसी स्कीम्स पसंद करनी चाहिए, जिसके पास इस्टतम आवंटन वाला एक अच्छा डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो हो. आपको ऐसे थीमैटिक फंड में कम से कम 7 साल तक निवेश करने के इरादे से ही पैसा लगाना चाहिए.

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