फेस्टिव सीजन में घर खरीदने का प्लान है तो इन 9 बातों से होगी आसानी

त्योहारों के सीजन में घर खरीदने का अच्छा मौका हैं, क्योंकि बिल्डर्स 20% तक डिस्काउंट ऑफर कर रहे हैं, और होम लोन भी 6.5% के नीचले स्तर पर हैं.

  • Vijay Parmar
  • Publish Date - September 17, 2021 / 04:00 PM IST
फेस्टिव सीजन में घर खरीदने का प्लान है तो इन 9 बातों से होगी आसानी
Image: Unsplash, अगर आपकी क्रेडिट हिस्ट्री अच्छी है, तो आपको बेहतर इंट्रेस्ट रेट भी मिल सकती हैं.

Tips For Home Buyers: इस फेस्टिव सीजन में प्रॉपर्टी पर अच्छा डिस्काउंट मिल रहा है और होम लोन रेट भी कम हैं. घर खरीदने का सपना पूरा करने के लिए यह अच्छा मौका है. यदि आप भी दिवाली तक घर खरीदने की डील पक्की करना चाहते हैं तो शायद यह बेस्ट टाइम होगा क्योंकि होम लोन के रेट 6.5% जितने ऑल-टाइम लो लेवल पर पहुंच गए हैं और बिल्डर्स भी 20% तक डिस्काउंट एवं दूसरे फायदे दे रहे हैं. अगर आप पहली बार घर खरीदने जा रहे हैं तो आपको यहां बताई गई 9 बातों का ध्यान रखने से घर खरीदने में आसानी होगी.

(1) अपनी जरूरतों को समझें

यदि बड़ा परिवार है तो आप बेशक बड़ा घर खरीदें, लेकिन सिर्फ पति-पत्नी और दो बच्चों का परिवार है तो बडे़ घर के लिए लाखों रुपये अधिक खर्च करने में समझदारी नहीं है. आपको अपनी जरूरत को समझने के बाद एक पारंपरिक सिंगल-फैमिली घर, एक टाउनहाउस, एक कोंडो, या दो-तीन यूनिट की एक इमारत या एक बंगला इनमें से किसी एक विकल्प को पसंद करना होगा. एक बार 1BHK या 2BHK फ्लेट खरीदने के बाद उसमें अतिरिक्त रूम बढ़ा नहीं सकेंगे, इसलिए आने वाले दिनों में यदि आपके पेरेंट्स आपके साथ रहने आएंगे तो काफी मुश्किल हो सकती है. इन सारी बातों को ध्यान में रखें और वर्क फ्रॉम होम के नजरिए के साथ फैसला करें.

(2) घर का साइज

घर का साइज आपके बजट, वर्तमान व बाद में घर में रहने वाले परिवार के सदस्यों की संख्या, मेहमानों के रहने की संभावना, केवल अपने उपयोग या इन्वेस्टमेंट के लिए की जाने वाली खरीद आदि पर निर्भर करेगा. इन सवालों के जवाब खोजने से आपको आवास का उपयुक्त साइज तय करने में मदद मिलेगी.

(3) बजट और वित्तीय प्रबंधन

यदि लोन से घर खरीदना है तो आपको डाउनपेमेंट का प्रबंधन अपनी जेब से करना होगा, जो प्रॉपर्टी की वैल्यू का 20% तक हो सकता है. आपको अपना एक बजट तय करना होगा और उस बजट के आधार पर घर की तलाश करनी होगी. अगर आप अपनी बचत के पैसे से अधिक डाउनपेमेंट करते हैं तो आप पर लोन का बोझ कम पड़ेगा. यह ध्यान रखें कि आपकी मासिक आमदनी का 40 फीसदी से अधिक होम लोन की किस्त (EMI) के रूप में नहीं जाए.

(4) लोकेशन पक्का करें

सभी लोग अच्छी लोकैलिटी या पॉश एरिया में घर खरीदना चाहते हैं, लेकिन उसके लिए कीमत भी अधिक चुकानी पड़ती हैं. आपको अपने काम करने की जगह और बच्चों की स्कूल के नजदीक घर खरीदना चाहिए, जिससे ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट और टाइम दोनों की बचत होगी. घर के नजदीक अस्पताल, आवश्यक चीजों का मार्केट और गार्डन या लेक हो तो अच्छा है.

(5) फ्यूचर कॉस्ट

आपको घर खरीदने के लिए डाउनपेमेंट के अलावा, दस्तावेज खर्च, स्टैंप ड्यूटी, लीगल फीस, नया घर है तो दो साल का एड्वान्स मैन्टेनन्स, पुराना घर है तो सोसायटी ट्रांसफर फीज इत्यादि पेमेंट अपनी जेब से करना होगा. याद रखें, घर जितना बड़ा होगा उतना ही ज्यादा मरम्मत खर्च आएगा. सोसायटी में मैन्टेनन्स चार्ज आपके घर के एरिया के आधार पर वसूला जाता है. स्वीमिंग, पुल, गार्डन, प्ले एरिया, एक्टिविटी एरिया, मेडिटेशन सेंटर, जिम, क्लब हाउस जैसी सुविधाएं वाली सोसायटी में घर खरीदेंगे तो आपको इन सारी चीजों के लिए मेंटेनेंस चार्ज भी चुकाना होगा. आप बाकी खर्च को आगे-पीछे कर सकते हैं, लेकिन होम लोन की मासिक किस्त अपने निर्धारित समय पर ही जाएगी. अगर समय पर EMI नहीं चुकाई गई तो बैंक आप पर काफी जुर्माना लगाते हैं, आपका क्रेडिट रिपोर्ट भी खराब होता है.

(6) होम लोन इंटरेस्ट रेट

वर्तमान में होम लोन के इंटरेस्ट रेट ऑल-टाइम लो लेवल पर हैं. होम लोन का शुरुआती रेट 6.5% हैं. कुछ बैंकों ने फेस्टिव सीजन में प्रोसेसिंग फी माफ कर दी है. आपको पांच-सात बैंक/NBFC से ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस और बाकी औपचारिकता का पता करना चाहिए, जिससे आपको काफी बेहतर डील मिल सकती है.

(7) आमदनी का रखें ध्यान

पहली बार घर खरीदने वाले लोगों के लिए जरूरी है कि वे यह ध्यान रखें कि उनके वेतन में या दूसरी आय में आने वाले समय में कितनी वृद्धि हो सकती है. आप भविष्य की आमदनी के हिसाब से अपने घर खरीदने का फैसला कर सकते हैं. होम लोन लेकर घर खरीदना लंबी अवधि का सौदा है, इससे पहले जरूरी होमवर्क जरूर करें.

(8) जीवन की अनिश्चितता का भी ख्याल रखें

जीवन क्षणभंगुर है. जीवन में आपका करियर किस राह पर चलेगा, इस बारे में निश्चित होकर कुछ नहीं कहा जा सकता. जीवन में प्राथमिकता भी समय के साथ बदलती रहती है. शादी, बच्चे आदि के बाद जीवन के विभिन्न चरण में आपके जेब पर असर पड़ता है. इस वजह से आपकी मासिक किस्त चुकाने की क्षमता पर असर पड़ सकता है.

(9) डेट-टु-इनकम रेशियो का रखें खयाल

यदि होम लोन से घर खरीदना चाहते हैं तो दूसरे लोन लेने से दूर रहें. कार लोन जैसी बड़ी खरीदारी, आपकी डेट-टु-इनकम रेशियो को प्रभावित कर सकती है और बैंक आपको कम होम लोन दे सकता है या आपका आवेदन रिजेक्ट कर सकता है. इसलिए, घर खरीदने का प्रयास करने से पहले कोई भी ऋण लेने या क्रेडिट लाइनों में महत्वपूर्ण ऋण जोड़ने से बचने में समझदारी है.

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