म्यूचुअल फंड की नई स्कीमः 5000 रुपये लगाकर पा सकते हैं हाई रिटर्न, जानें कब तक है मौका?

ITI Pharma and Healthcare Fund में कम से कम 5000 रुपये निवेश करना जरूरी है. उसके बाद 1 रुपये के मल्टीपल में कितना भी निवेश किया जा सकता है.

म्यूचुअल फंड की नई स्कीमः 5000 रुपये लगाकर पा सकते हैं हाई रिटर्न, जानें कब तक है मौका?
ITI Mutual Fund ने अप्रैल 2019 में अपना परिचालन शुरू किया था और निवेशकों के लिए बाजार में 13 म्यूचुअल फंड प्रोडक्ट लॉन्च किए.

अगर आप निवेश करके बेहतर रिटर्न कमाना चाहते हैं, तो हम यहां पर आपको एक ऐसी स्कीम के बारे में बताने जा रहे हैं जो जिसके लिए आपके पास अभी भी मौका है. आईटीआई म्यूचुअल फंड (ITI Mutual Fund) ने आईटीआई फार्मा और हेल्थकेयर फंड (ITI Pharma and Healthcare Fund) लॉन्च किया है. यह न्यू फंड आफर (NFO) 18 अक्टूबर से निवेश के लिए खुल गया है. इसमें 1 नवंबर 2021 तक पैसे लगा सकते हैं. यह फंड फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों में निवेश करेगा और निफ्टी हेल्थकेयर टोटल रिटर्न इंडेक्स इसका बेंचमार्क होगा. फार्मा सेक्टर में आगे तेजी का अनुमान है, जिसका फायदा इस स्कीम में मिल सकता है

कम से कम कितना निवेश

ITI Pharma and Healthcare Fund में कम से कम 5000 रुपये निवेश करना जरूरी है. उसके बाद 1 रुपये के मल्टीपल में कितना भी निवेश किया जा सकता है.

फार्मा सेक्टर में नई एनर्जी

NFO पर ITI Mutual Fund के सीईओ और चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर जॉर्ज हेबर जोसेफ का कहना है कि कोविड -19 महामारी ने भारतीय फार्मा सेक्टर को एक नई एनर्जी दी है. ITI Pharma and Healthcare Fund रिसर्च बैक्ड इन्वेस्टमेंट प्रक्रिया के जरिए निवेशकों को एक अनूठा निवेश अनुभव दे सकता है. उनका कहना है कि फंड हाउस SQL के इन्वेस्टमेंट फिलोसॉफी का पालन करता है, जिसका मतलब है कि मार्जिन की सुरक्षा, कारोबार की गुणवत्ता और कम खर्च अपने निवेशकों को बेहतर निवेश अनुभव प्रदान करना.

AUM 2000 करोड़ के पार

ITI Mutual Fund ने अप्रैल 2019 में अपना परिचालन शुरू किया था और निवेशकों के लिए बाजार में 13 म्यूचुअल फंड प्रोडक्ट लॉन्च किए. फंड हाउस ने इस साल अगस्त 2021 तक 2000 करोड़ रुपये के एयूएम को पार कर लिया है. 31 अगस्त, 2021 तक कुल 2034 करोड़ रुपये के एयूएम में से इक्विटी एयूएम की हिस्सेदारी 1460 करोड़ रुपये थी. जबकि हाइब्रिड और डेट फंड की हिस्सेदारी 230 करोड़ रुपये और 344 करोड़ रुपये रही. अभी यह देश में 27 ब्रॉन्च के माध्यम से संचालित हो रहा है.

कोविड-19 महामारी के बाद हेल्थकेयर सेक्टर में आई तेजी

वर्षों के अंडरपरफॉर्मेंस के बाद भारतीय हेल्थकेयर सेक्टर मार्च 2020 के बाद देश में कोविड-19 की पहली लहर के बाद हरकत में आया है. हाल ही में नीति आयोग की एक रिपोर्ट के अनुसार, हेल्थकेयर इंडस्ट्रीज राजस्व और रोजगार दोनों के मामले में देश का सबसे बड़ा उद्योग बन गया है. यह 2016 से 22 फीसदी की CAGR से बढ़ रहा है, जिसमें 4.7 मिलियन लोग सीधे तौर पर कार्यरत हैं.

निवेशकों को ध्यान देना चाहिए कि इक्विटी निवेश में ज्यादा जोखिम होता है और उन्हें इन फंडों को रिस्क प्रोफाइल और परिसंपत्ति आवंटन के आधार पर आवंटित करना चाहिए.

क्या है NFO

एनएफओ (NFO) यानी न्यू फंड ऑफर. दरअसल, जब भी कोई एसेट मैनेजमेंट कंपनी ( AMC) कोई नया फंड लॉन्च करती है तो यह सिर्फ कुछ दिनों के लिए ही खुला होता है. फंड पोर्टफोलियो के लिए शेयर खरीदना इसका मकसद होता है और इसलिए इसके जरिये पैसा जुटाया जाता है. एक तरह से एक नए फंड की शुरुआत करने के लिए पैसा जुटाया जाता है. इस पूरी प्रक्रिया को न्यू फंड ऑफर कहा जाता है.

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