क्या आपने तय किया है COVID गार्जियन, पैसों के मैनेजमेंट के लिए क्यों है ये जरूरी

Investment Planning: पैसे होना काफी नहीं हैं. जरूरत के वक्त आप इसका इस्तेमाल कर पाएं ये जरूरी है. कैसे बनाएं अपने फाइनेंस को पैंडेमिक रेडी?

क्या आपने तय किया है COVID गार्जियन, पैसों के मैनेजमेंट के लिए क्यों है ये जरूरी

Investment Planning: कोविड-19 से जूझने के लिए आपको हर स्तर पर तैयारी की जरूरत पड़ेगी. आपके पास इंश्योरेंस होगा, इमरजेंसी फंड होगा, बैंक अकाउंट मे पैसे होगें लेकिन ये पैसा आप तक इमरजेंसी में पहुंचेगा कैसा? इसको भी प्लान करना जरूरी है .

Finscholarz की फाउंडर रेणु महेश्वरी कहती हैं, “कोविड की दूसरी लहर में पूरा का पूरा परिवार इसके चपेट में आ रहा है. हम देख रहें हैं छोटे परिवारों में मां- बाप दोनों को कोविड हो जा रहा है; हॉस्पिटलाइजेशन तक की नौबत आ रही है. हम लोगों को एक कोविड गार्जियन (COVID Gardian) बनाने की सलाह दे रहें हैं. इस तरह की परिस्थिति में जरूरी है कि आप घर के बाहर परिवार के ही किसी सदस्य या किसी दोस्त को इंश्योरेंस, बैंक डीटेल्स और आपके स्वास्थ के बारे में जानकारी दे कर रखें. अगर बच्चे हैं तो फिर रिमोट गार्जियन बहुत जरूरी हो जाता है.”

इमरजेंसी फंड से जुड़ी दो बातों का रखें ख्याल

अब तक फाइनेंनशियल प्लानर 6 महीने से 1 साल के इमरजेंसी फंड की तैयारी रखने के लिए कहते आएं हैं. लेकिन क्या एक इमरजेंसी फंड सब के लिए काफी है? रेणु महेश्वरी के मुताबिक परिवार के हर सदस्य के लिए एक इमरजेंसी फंड की तैयारी करनी चाहिए. जहां तक इमरजेंसी फंड की बात है आप किस सेक्टर में काम करते हैं और वहां नौकरी को लेकर कितनी स्थिरता है उस हिसाब से इमरजेंसी फंड की तैयारी करनी चाहिए.

इंश्योरेंस क्लेम की प्रक्रिया के बारे में जानें

हेल्थ इंश्योरेंस है लेकिन एक बार पॉलिसी डॉक्यूमेंट को देखना और सारे नियमों को समझना जरूरी है. आपको अपने एजेंट से बात करके क्लेम की प्रक्रिया और कंपनी के हेल्पलाइन नंबर्स के बारे में अपडेटेड रहना चाहिए. रेणु महेश्वरी कहती हैं कि अपने  कोविड गार्जियन (COVID Guardian) को सारी जानकारी की एक कॉपी बनाकर दें. हॉस्पिटलाइजेशन की नौबत आने पर अपनी एलर्जी और पुरानी बीमारियों का ब्यौरा भी बता कर रखें.

वसीयत और नॉमिनेशन

बैंक अकाउंट के बारे में परविार में सबके पास जानकारी रहे. बैंक अकाउंट और निवेश में नॉमिनी और उत्तराधिकारी का नाम दे कर रखें. अगर जिसके नाम पर अकाउंट है वो चेक साइन करने की स्थिति में नहीं होगा तो ट्रांजैक्शन कैसे होगे इसे समझ लें. बच्चे अगर बालिग हैं तो उनके साथ बैठकर भी बैंक और इंश्योरेंस की जानकारी साझा करें. अब वो जमाना गया जब केवल बुढ़ापे में ही वसीयत बनते थे. अब परिवारों को वसीयत बनाने की तैयारी जल्द शुरू करनी चाहिए.

Finscholarz की फाउंडर रेणु महेश्वरी से पूरी बातचीत इस वीडियो में-

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