Flexi Cap Funds: जानिए क्या होता है फ्लैक्सी कैप फंड और क्यों आ रही इनकी बाढ़

सेबी के मुताबिक मल्टी कैप का मतलब है पूरी रकम को लार्ज, मिड और स्मॉल कैप में समान रूप से निवेश किया जाए.

Flexi Cap Funds: जानिए क्या होता है फ्लैक्सी कैप फंड और क्यों आ रही इनकी बाढ़
फ्लैक्सी कैप कैटेगरी लार्ज कैप फंडों के बाद दूसरी सबसे बड़ी इक्विटी म्यूचुअल फंड कैटेगरी है.PC: Pixabay

निवेशकों के लिए फ्लैक्सी कैप फंडों की बारिश हो रही है. फ्लैक्सी कैप कैटेगरी में दो नए फंड ऑफर (NFO) – महिंद्रा मैन्युलाइफ फ्लैक्सी कैप स्कीम और निप्पॉन इंडिया फ्लैक्सी कैप फंड निवेश के लिए उपलब्ध हैं. डीएसपी इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स ने डीएसपी फ्लैक्सी कैप फंड के तहत ओपन फंड ऑफर लांच किया है.

ICICI प्रूडेंशियल ने 12 जुलाई को समाप्त हुए अपने फ्लैक्सी कैप फंड एनएफओ में 10,000 करोड़ रुपये की बड़ी कमाई की. यह किसी भी ओपन-एंडेड इक्विटी म्यूचुअल फंड द्वारा NFO में अब तक का सबसे ज्यादा फंड कलेक्शन था. फ्लैक्सी कैप कैटेगरी लार्ज कैप फंडों के बाद दूसरी सबसे बड़ी इक्विटी म्यूचुअल फंड कैटेगरी है. लार्ज कैप कैटेगरी में 1.94 लाख करोड़ रुपये की तुलना में जून 2021 तक उसके पास मैनेजमेंट के तहत 1.76 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति थी.

क्या होता है फ्लैक्सी कैप फंड?

फ्लैक्सी कैप फंड फंड मैनेजरों को बाजार पूंजीकरण में नेविगेट करने के लिए छूट देते हैं. अन्य कैटेगरी (लार्जकैप, मिडकैप, लार्ज-मिडकैप, स्मॉलकैप और मल्टीकैप फंड) में बाजार नियामक सेबी ने लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में एक्सपोजर की सीमा तय की है, लेकिन फ्लैक्सी कैप फंड बाजार की स्थिति के अनुसार इन शेयरों में निवेश बढ़ा या घटा सकते हैं. सेबी द्वारा नवंबर 2020 में इस कैटेगरी को लांच किया गया था.

नई कैटेगरी की शुरुआत

मल्टीकैप फंडों को बाजार पूंजीकरण में जोखिम लेने के लिए डिज़ाइन किया गया था. सेबी के मुताबिक मल्टी कैप का मतलब है पूरी रकम को लार्ज, मिड और स्मॉल कैप में समान रूप से निवेश किया जाए. हालांकि, 2018 और 2020 के बीच स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों के लंबे समय तक खराब प्रदर्शन के बाद मल्टी कैप फंडों को लार्ज कैप स्टॉक्स में निवेश किया जाने लगा. इसकी वजह से मल्टी कैप फंड कैटेगरी के बनाए जाने का कोई मतलब नहीं हुआ.

सितंबर 2020 में सेबी ने फंड हाउसों को मल्टी कैप स्कीम्स के अंतर्गत लार्ज, मिड और स्मॉल कैप शेयरों में से सभी में कम से कम 25 फीसदी निवेश करना अनिवार्य कर दिया. इसके बाद फंड मैनेजरों को म्यूचुअल फंज में और फ्लैक्सिबिलिटी देने के लिए फ्लैक्सी कैप नाम से नई कैटेगरी लांच की गई.

बड़ी संख्या में फ्लैक्सी कैप फंडों की क्यों हो रही है शुरुआत

कुछ फंड हाउस जैसे कोटक महिंद्रा AMC और PPFAS म्यूचुअल फंड ने अपने मल्टी कैप फंड (कोटक स्टैंडर्ड मल्टीकैप फंड, पराग पारिख लॉन्ग टर्म वैल्यू फंड) का नाम बदलकर फ्लैक्सी कैप फंड (कोटक फ्लेक्सीकैप फंड, पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड) कर दिया.

PrimeInvestor.in की को-फाउंडर विद्या बाला कहती हैं, “AMC ने अपने मौजूदा मल्टीकैप फंडों का नाम नहीं बदला है, अब वे सभी कैटेगरी में फ्लैक्सी कैप फंड लॉन्च कर रहे हैं. फ्लेक्सी कैप NFO उन्हें ताजा AUM हासिल करने में मदद कर रहे हैं.” वह निवेशकों को फ्लैक्सी कैप NFO में निवेश से बचने की सलाह देती हैं.

बाला ने आगे कहा, “बाजार में अच्छे ट्रैक रिकॉर्ड के साथ पर्याप्त फ्लैक्सी कैप फंड उपलब्ध हैं. मार्केट सायकल और कैलेंडर ईयर्स में और मंदी व तेजी के बीच उनके रिटर्न की निरंतरता के आधार पर उनकी तुलना करनी चाहिए. इसके साथ ही एक्सपेंस रेशियो पर भी ध्यान दें.”

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