Home >
अगर पॉलिसी होल्डर स्वस्थ लाइफस्टाइल को ढाल रहा है, तो उस आधार पर डिस्काउंट मिल सकता है.
सबसे अहम काम पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने के बाद आपको तुरंत इंश्योरेंस कंपनी की ग्राहक सेवा पर कॉल करनी चाहिए और क्लेम फॉर्म भरना चाहिए.
इंश्योरेंस एक्सपर्ट्स ने मोटे तौर पर सात कारणों को सूचीबद्ध किया है, जो लाइफ इंश्योरेंस के लिए भुगतान किये जाने वाली प्रीमियम राशि को बढ़ा सकते हैं
LIC Cocktail Plan: अलग-अलग जरूरतों को पूरा करने को LIC द्वारा विभिन्न प्लान को एक साथ बेचा जाता हैं, उसे एजेंट की भाषा में कॉकटेल प्लान कहा जाता हैं.
टर्म इंश्योरेंस एक तरह की जीवन बीमा पॉलिसी है जो सीमित अवधि के लिए निश्चित भुगतान दर पर कवरेज प्रदान करती है.
अगर किसी वरिष्ठ नागरिक पर उनके बच्चे निर्भर हैं या उन्होंने बैंक से लोन लिया हैं और वो उसको अपनी आय से चुका रहे हैं तो उनके लिए टर्म प्लान ठीक है.
Ayushman Bharat Yojana का लक्ष्य 10.74 करोड़ गरीबों परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रूपये तक की मुफ्त और कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराना है.
इंश्योरेंस कंपनियां नॉन-नेटवर्क हॉस्पिटल में भर्ती होने की कॉस्ट रिम्बर्स करती हैं, बशर्ते कि आपके पास सभी डॉक्युमेंट हों और केवल पूरी कॉस्ट का 70% तक
AB PM-JAY Rate Hike: रेट में 20-40% तक की वृद्धि की गई है. साथ ही, ब्लैक फंगस के मैनेजमेंट से जुड़ा एक नया मेडिकल पैकेज भी योजना से जोड़ा गया है
नॉमिनी के निधन के कारण या नॉमिनी में विश्वास न होने के कारण टर्म इंश्योरेंस में नॉमिनी बदलने की आवश्यकता हो सकती हैं.