लगातार बढ़ रहे वनस्पति तेल के आयात से देश में इसके सस्ता होने की उम्मीद बढ़ गई है. अगस्त में खत्म हो रहे ऑयल वर्ष 2022-23 के दौरान देश में वनस्पति तेल का आयात 165 लाख टन तक पहुंच सकता है. भारत में तेल आयात को लेकर अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) ने अपनी सितंबर की रिपोर्ट ‘ऑयलसीड: वर्ल्ड मार्केट्स एंड ट्रेड’ में यह अनुमान लगाया है. अमेरिकी कृषि विभाग का यह भी मानना है कि अगले ऑयल वर्ष 2023-24 के दौरान भारत में वनस्पति तेल आयात में गिरावट आएगी और कुल 146.1 लाख टन तेल का इंपोर्ट होगा. इस साल अगस्त तक देश में 141 लाख टन से ज्यादा वनस्पति तेल आयात हो चुका है और जो पिछले साल के मुकाबले 24 फीसद ज्यादा है.
भारत के वनस्पति तेल आयात में पाम ऑयल की बड़ी हिस्सेदारी अमेरिकी कृषि विभाग के मुताबिक भारत के वनस्पति तेल आयात में पाम ऑयल की हिस्सेदारी 100 लाख टन है. रिपोर्ट के मुताबिक सूरजमुखी तेल के आयात में भी अच्छी खासी बढ़ोतरी देखने को मिली है. कालासागर के इलाके से सूरजमुखी तेल की बड़ी मात्रा पर छूट की पेशकश की जा रही है. रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू विपणन वर्ष में वनस्पति तेल की खपत में सुधार दर्ज किया गया है.
हाल ही में बड़ी मात्रा में आयात किए गए तेल से भारत को अपने स्टॉक को फिर से भरने में मदद मिलेगी. साथ ही आगामी त्यौहार के दौरान बढ़ती मांग को पूरा किया जा सकेगा. 165 लाख टन वनस्पति तेल के आयात को उचित अनुमान बताते हुए सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) के एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर बीवी मेहता ने कहा है कि अगर शिपमेंट इस सीमा से ज्यादा भी हो जाए तो कोई आश्चर्य नहीं होगा.
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