सारस्वत बैंक के ग्राहको को मिलेगा ट्रिपल बेनेफिट, यहां है पूरी डिटेल

3-इन-1 खाते से जल्दी से फंड ट्रांसफर कर सकते हैं. इक्विटी, डेरिवेटिव, करेंसी, MF, IPO में निवेश करने के लिए एक कॉम्प्रिहेंसिव प्लेटफॉर्म मिलता है.

  • Vijay Parmar
  • Publish Date - October 13, 2021 / 01:30 PM IST
सारस्वत बैंक के ग्राहको को मिलेगा ट्रिपल बेनेफिट, यहां है पूरी डिटेल
Pixabay - 3-इन-1 खाता मूल रूप से बचत बैंक खाते, डीमैट खाते और ट्रेडिंग खाते को एकीकृत करता है. 

Best 3-in-1 Trading Account: कई बैंक अपने ग्राहको को सेविंग के साथ डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाने के लिए 3-इन-1 खाता ऑफर करते हैं. ब्रोकरेज हाउस के साथ मिलकर ऐसा खाता ऑफर किया जाता हैं, जिससे ग्राहक को स्टॉक बेचने के कुछ मिनटो में अपने बैंक खाते में धनराशि मिल जाती हैं. बैंक आपको फ्री में अकाउंट खोलने का और ट्रेडिंग के लिए मुफ्त में टिप्स देने का ऑफर करते हैं, लेकिन आपको ऐसा 3-इन-1 अकाउंट खुलवाने से पहले बैंक के दूसरे चार्ज और फीस के बारे में जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए. यहां कुछ टिप्स हैं, जो आपको बेस्ट 3-इन-1 अकाउंट चुनने में मदद करेगी.

सारस्वत बैंक और एक्सिस सिक्योरिटीज के बीच गठजोड

भारत के सबसे बड़ा शहरी सहकारी बैंक सारस्वत बैंक ने ग्राहकों को 3-इन-1 खाता (बचत, डीमैट और ऑनलाइन ट्रेडिंग) ऑफर करने के लिए एक्सिस बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक एक्सिस सिक्योरिटीज के साथ हाथ मिलाया हैं. इस गठजोड़ के साथ, सारस्वत बैंक के ग्राहक आसानी से बैंकिंग और ट्रेडिंग लेनदेन का सही मिश्रण कर सकते हैं.

क्या हैं 3-इन-1 खाता

3-इन-1 खाता मूल रूप से बचत बैंक खाते, डीमैट खाते और ट्रेडिंग खाते को एकीकृत करता है. 3-इन-1 खाते में बैंक बचत खाता, केंद्रीय डिपॉजिटरी NSDL और CDSL में से किसी एक के साथ डीमैट खाता और विभिन्न वित्तीय साधनों को खरीदने और बेचने के लिए एक ट्रेडिंग खाता शामिल है. सभी खाते एक ब्रोकर द्वारा संयुक्त रूप से खोले जाते हैं.

कौन ऑफर करता हैं ऐसा खाता

आम तौर पर बैंक और ब्रोकिंग कंपनियों द्वारा 3-इन-1 खातों की पेशकश की जाती है. विभिन्न बैंको ने इस सुविधा के लिए HDFC सिक्योरिटीज, ICICI डायरेक्ट, कोटक सिक्योरिटीज और एक्सिस सिक्योरिटीज के साथ गठजोड किया हैं. सभी प्रमुख बैंक SBI, ICICI, एक्सिस, कोटक, HDFC इत्यादि, जिनके समूह में ब्रोकरेज कंपनी है, वे 3-इन-1 खातों की पेशकश करते हैं.

3-इन-1 खाते के फायदे

यह सुविधा से ग्राहक जल्दी से फंड ट्रांसफर कर सकते हैं, कागजी कार्रवाई कम हो जाती हैं. इसके अलावा इक्विटी, डेरिवेटिव, करेंसी, कमोडिटीज, MF, IPO आदि जैसे विभिन्न निवेश साधनों में निवेश करने के लिए एक कम्प्रेहेंसिव प्लेटफॉर्म मिलता हैं.

कैसे चुनें बेस्ट 3-इन-1 खाता

अधिकांश 3-इन-1 खातों की विशेषताएं समान हैं. हालांकि, सबसे अच्छा 3-इन-1 खाता चुनते समय विचार करने के लिए कुछ कारक हैं

मिनिमम बैलेंसः

क्या 3-इन-1 खाते के लिए आपको मासिक, त्रैमासिक या वार्षिक शेष राशि बनाए रखने की आवश्यकता है? ज्यादातर मामलों में, बचत खाता एक शून्य शेष (zero balance) खाता है और इसके लिए किसी शेष राशि को बनाए रखने की आवश्यकता नहीं होती है. हालांकि, कुछ बैंक आपके ट्रेडिंग खाते में न्यूनतम ट्रेडिंग गतिविधि का एक क्लॉज लगाते हैं. यदि आप न्यूनतम ट्रेडिंग गतिविधि नहीं करते हैं तो आपका बैंक खाता शून्य शेष से न्यूनतम शेष (minimum balance) खाते में परिवर्तित किया जा सकता है.

ब्रोकरेज शुल्कः

ब्रोकरेज शुल्क ब्रोकर से ब्रोकर में भिन्न होता है. इसलिए अपना 3-इन-1 खाता चुनने से पहले ब्रोकरेज शुल्क की तुलना करें. बैंक आपको फ्री में अकाउंट खोलने का ऑफर करता हैं, लेकिन इक्विटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग के लिए ब्रोकरेज शुल्क लगाता हैं. BSE, NSE और MCX में ऑप्शंस, करेंसी F&O और कमोडिटी फ्यूचर्स में प्रति ट्रेड करीब 20 रूपये ब्रोकरेज शुल्क लागू होता हैं.

निवेश साधनों की ऑफरः

सभी ब्रोकरेज कंपनियां इक्विटी, डेरिवेटिव्स, करेंसी और कमोडिटीज आदि जैसे सभी सेगमेंट में ट्रेडिंग की सुविधा नहीं देती हैं. इसलिए सुनिश्चित करें कि जिस बैंक में आप 3-इन-1 अकाउंट खोल रहे हैं, वह आपकी पसंद के सेगमेंट में ट्रेडिंग की सुविधा देता है.

ट्रेडिंग सुविधाएः

इसका मतलब ट्रेडिंग टूल्स, प्लेटफॉर्म फीचर्स और ब्रोकरों द्वारा दी जाने वाली अन्य ट्रेडिंग सहायता है. आपको सही 3-इन-1 अकाउंट चुनने से पहले ब्रोकर द्वारा पेश किए जाने वाले क्वालिटी ट्रेडिंग टूल्स, प्लेटफॉर्म फीचर्स, रिसर्च सलाह, ट्रेनिंग टिप्स आदि पर भी विचार करना चाहिए.

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