1 जनवरी से एटीएम ट्रांजेक्‍शन हो जाएगा महंगा, जानिए कितना देना होगा चार्ज

बैलेंस चेक करना, मिनी स्टेटमेंट प्राप्त करना, पिन परिवर्तन, चेक बुक और एटीएम कार्ड जारी करने आदि को गैर-नकद लेनदेन के रूप में रखा गया है.

  • Money9 Hindi
  • Publish Date - December 7, 2021 / 12:17 PM IST
1 जनवरी से एटीएम ट्रांजेक्‍शन हो जाएगा महंगा, जानिए कितना देना होगा चार्ज
कई बैंकों ने फाइनेंशियल और नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन के नियमों में बदलाव किया है. ये बदलाव 1 जनवरी से लागू होंगे

1 January 2022 New Rules: नए साल के पहले दिन से ही आपका एटीएम ट्रांजेक्शन महंगा हो जाएगा. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की गाइडलाइन के अनुसार सभी निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक एटीएम शुल्क बढ़ाने की राह पर हैं. दरअसल रिजर्व बैंक (Reserve bank of india)ने पहली जनवरी से फ्री लिमिट के बाद एटीएम ट्रांजेक्शन पर फीस बढ़ाने को मंजूरी दे दी है. जिसके बाद बैंक एटीएम से फ्री लिमिट के बाद किये जाने वाले ट्रांजेक्शन को पहली जनवरी से महंगा कर देंगे और आपको फीस चुकानी होगी. कई बैंकों ने फाइनेंशियल और नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन के नियमों में बदलाव किया है. ये बदलाव 1 जनवरी से लागू होंगे.

नया शुल्क क्या है

1 जनवरी, 2022 से प्रभावी, बैंक ग्राहकों को 20 रुपये के बजाय प्रति वित्तीय लेनदेन पर 21 रुपये प्लस जीएसटी का भुगतान करना होगा. ये शुल्‍क हर महीने बैंकों की ओर से तय की गई फ्री विड्रॉल की सीमा से ज्‍यादा होने पर देना होगा. केंद्रीय बैंक ने वाणिज्यिक बैंकों को नकद और गैर-नकद एटीएम लेनदेन के लिए मुफ्त मासिक सीमा से अधिक शुल्क बढ़ाने की अनुमति दी है.

मौजूदा समय में एक व्यक्ति मेट्रो शहरों में होम बैंक के एटीएम से पांच बार फ्री में रुपये निकाल सकता है. वहीं बाकी बैंक के एटीएम से तीन वित्तीय और गैर-वित्तीय लेनदेन कर सकता है. इसके बाद रुपये निकालने पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा.

दूसरी ओर बैलेंस चेक करना, मिनी स्टेटमेंट प्राप्त करना, पिन परिवर्तन, चेक बुक और एटीएम कार्ड जारी करने आदि को गैर-नकद लेनदेन के रूप में रखा गया है. मौजूदा समय में छह मेट्रो शहरों (मुंबई, नई दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद) के अलावा, अन्य सभी स्थानों के ग्राहकों को एक महीने में पांच वित्तीय और पांच गैर-वित्तीय लेनदेन की अनुमति है.

इंटरचेंज फीस भी बढ़ाई

1 अगस्त, 2021 से, केंद्रीय बैंक ने वाणिज्यिक बैंकों को सभी केंद्रों में प्रति लेनदेन इंटरचेंज शुल्क 15 रुपये से बढ़ाकर 17 रुपये करने और वित्तीय लेनदेन के लिए जीएसटी और गैर-वित्तीय लेनदेन के लिए 5 रुपये से 6 रुपये प्लस जीएसटी की अनुमति दी थी.

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