NBFCs का फ्रेश लोन डिस्बर्समेंट दूसरे क्वार्टर में पूर्व-कोविड लेवल तक पहुंचा

एनबीएफसी, आईआईएफएल फाइनेंस का मंथली डिस्बर्समेंट 2000 करोड़ रुपये को पार कर गया है. यह महामारी के पहले के लेवल से थोड़ा अधिक है.

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  • Publish Date - September 19, 2021 / 11:12 AM IST
NBFCs का फ्रेश लोन डिस्बर्समेंट दूसरे क्वार्टर में पूर्व-कोविड लेवल तक पहुंचा
पर्सनल लोन लेने से पहले बाजार में मौजूद लैंडर्स की तरफ से दिए जाने वाली ब्याज दरों की तुलना करें.

नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां (NBFCs) FY22 का दूसरी तिमाही में फ्रेश लोन डिस्बर्समेंट (नए ऋण वितरण) कोविड के पहले के लेवल तक पहुंच गया है. कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के कारण अप्रैल-जून तिमाही में NBFCs में सुस्ती देखी गई थी. टाइम्स ऑफ इंडिया ने इसे लेकर एक रिपोर्ट पब्लिश की है.

क्या कहा एचडीएफसी के एमडी ने?

एचडीएफसी ने कहा कि उसका जुलाई का डिस्बर्समेंट नॉन-क्वार्टर एंड मंथ (non-quarter end month) में अब तक का सबसे अधिक था. कंपनी के एमडी रेणु सूद कर्नाड ने कहा ‘होम लोन में ग्रोथ अफोर्डेबल हाउसिंग सेगमेंट (किफायती आवास खंड) के साथ-साथ हाई-एंड प्रॉपर्टीज (high-end properties) दोनों से हुई है. हम आवास क्षेत्र (housing sector) के लिए न केवल अल्पावधि (short term) में बल्कि मध्यम से लंबी अवधि (medium to long term) में भी तेजी देख रहे हैं.’

वर्क-फ्रॉम-होम ने बड़ी स्पेस की मांग को बढ़ाया

होम लोन लेंडर्स ने पाया है कि बड़े और अतिरिक्त स्थान (larger and additional spaces) वाले घरों की आवश्यकता बढ़ रही है क्योंकि कामकाजी पेशेवरों (working professionals) के लिए प्राइवेसी महत्वपूर्ण है. एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस के एमडी और सीईओ वाई विश्वनाथ गौड़ ने कहा, ‘महामारी ने घर के स्वामित्व के महत्व को फिर से मजबूत कर दिया है. वर्क-फ्रॉम-होम की अवधारणा ने बड़ी स्पेस की मांग को बढ़ाया है. हम समग्र आर्थिक भावनाओं (overall economic sentiments) में और सुधार के साथ आने वाली तिमाहियों में रियलिटी स्पेस में पॉजिटिविटी देख रहे हैं.’

श्रीराम हाउसिंग फाइनेंस कोविड पूर्व लेवल तक पहुंचा

श्रीराम हाउसिंग फाइनेंस ने अप्रैल-जून तिमाही में 220 करोड़ रुपये का फ्रेश होम लोन डिसबर्स किया था. जुलाई-सितंबर, 2021 में इसने 650-700 करोड़ रुपये के आंकड़े को छू लिया. कंपनी के एमडी और सीईओ रवि सुब्रमण्यम ने कहा, ‘हम लोन के डिस्बर्समेंट में पहले ही कोविड के पहले के लेवल तक पहुंच चुके हैं. इसलिए अब हम टियर 2 और 3 शहरों में कारोबार के विस्तार पर ध्यान केंद्रित करेंगे.

इंडियाबुल्स और एम एंड एम में भी अच्छी ग्रोथ

अगस्त में, M&M Finance ने 2,150 करोड़ रुपये के डिस्बर्समेंट के साथ सालाना आधार पर 57% की वृद्धि दर्ज की. वहीं इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस ने कहा कि जुलाई से नए ऋण वितरण में तेजी आई है. अगस्त में, कंपनी ने लगभग 550 करोड़ रुपये के रिटेल लोन डिस्बर्स किए और सितंबर में उसे लगभग 750 करोड़ रुपये के रिटेल लोन डिसबर्स करने की उम्मीद है.

एक अन्य एनबीएफसी, आईआईएफएल फाइनेंस का मंथली डिस्बर्समेंट 2000 करोड़ रुपये को पार कर गया है. यह महामारी के पहले के लेवल से थोड़ा अधिक है.

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