1 से 2 सालों के लिए ये हैं बेस्ट FD Interest Rates

FD Interest Rates: कई छोटे फाइनेंशियल बैंक एक से दो साल के फिक्स्ड डिपॉजिट पर 6% से 6.5% का हाई इंटरेस्ट रेट दे रहे हैं.

1 से 2 सालों के लिए ये हैं बेस्ट FD Interest Rates
IMAGE: pixabay, बड़े बैंकों में ज्यादा लिक्विडिटी होती है इसलिए वो डिपॉजिट में कम इंटरेस्ट लेते हैं, लेकिन ये बात स्मॉल फाइनेंस बैंकों पर लागू नहीं होती है.

FD Interest Rates: बैंक डिपॉजिट कंजरवेटिव इन्वेस्टर्स के लिए हैं क्योंकि ये टेन्योर के बेस पर FD Interest Rates ऑफर करते हैं. हालांकि, जब अर्थव्यवस्था मंदी के दौर में होती है तो बैंक डिपॉजिट पर रिटर्न बहुत कम हो सकता है. इमरजेंसी फंड के लिए अपना पैसा पार्क करने के लिए बैंक डिपॉजिट सबसे सुरक्षित साधनों में से एक है. कई स्मॉल फाइनेंशियल बैंक एक से दो साल के टेन्योर पर फिक्स्ड डिपॉजिट पर 6 से 6.5% का हाई इंटरेस्ट रेट दे रहे हैं.

Bankbazaar.com के डेटा से पता चलता है कि जन स्मॉल फाइनेंस बैंक, सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक और इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक एक से दो साल के टेन्योर के लिए 6.35-6.5% का FD रेट ऑफर कर रहे हैं.

एसेट के मामले में सबसे बड़ा बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया एक से दो साल की FD पर 5% इंटरेस्ट रेट दे रहा है.

छोटे बैंक हाई इंटरेस्ट रेट ऑफर क्यों करते हैं?:

बड़े बैंकों में ज्यादा लिक्विडिटी होती है इसलिए वो डिपॉजिट में कम इंटरेस्ट लेते हैं, लेकिन ये बात स्मॉल फाइनेंस बैंकों पर लागू नहीं होती है.

BankBazaar.com के CEO अधिल शेट्टी ने कहा, “ये स्मॉल फाइनेंस बैंक ज्यादा कस्टमर्स को अट्रैक्ट करने के लिए प्रमुख बैंकों की तुलना में एफडी पर ज्यादा इंटरेस्ट देते हैं.

ये बैंक 1-2 साल के फिक्स्ड डिपॉजिट पर लगभग 6 से 6.5% का इंटरेस्ट दे कर रहे हैं. कमर्शियल बैंकों की तुलना में ये रेट कम से कम 1% ज्यादा हैं.”

क्या आपको निवेश करना चाहिए? स्मॉल फाइनेंस बैंकों को डायरेक्ट RBI द्वारा रेगुलेट किया जाता है क्योंकि उन्हें सेंट्रल बैंक द्वारा PSU और अन्य प्राइवेट सेक्टर के बैंकों की तरह शेड्यूल बैंकों (अनुसूचित बैंकों) के रूप में क्लासीफाई किया गया है.

“निवेश करते समय, किसी को यह याद रखना चाहिए कि रिटर्न हमेशा निवेश से जुड़े रिस्क से जुड़ा होता है. हाई रिटर्न के साथ हाई रिस्क भी आते हैं.

जबकि कोई स्मॉल फाइनेंस बैंकों की FD में निवेश कर सकता है, लेकिन एक्सपोजर 5 लाख रुपये तक सीमित होना चाहिए क्योंकि यह अमाउंट DICGC के डिपॉजिट इंश्योरेंस प्रोग्राम के तहत इंश्योर्ड है.

FD आपके निवेश का हिस्सा तो हो सकती हैं, लेकिन वो पर्याप्त नहीं हो सकती. शेट्टी ने कहा, “हाई रिटर्न पाने के लिए जो महंगाई के खिलाफ बचाव के रूप में काम कर सके, ये जरूरी है कि आप बैंकों और FD के परे मार्केट से लिंक्ड प्रोडक्ट जैसे म्यूचुअल फंड पर ध्यान दें. म्यूचुअल फंड लंबे समय में अच्छा रिटर्न दे सकते हैं.”

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