क्रेडिट स्कोर और सिबिल स्कोर के अंतर को समझें

Credit Score Vs Cibil Score: बैंक अब डिफॉल्ट के रिस्क को कम करने के लिए एक अच्छी क्रेडिट हिस्ट्री वाले एप्लीकेंट को लोन देना पसंद करते हैं.

  • Himali Patel
  • Updated On - September 24, 2021 / 03:45 PM IST
क्रेडिट स्कोर और सिबिल स्कोर के अंतर को समझें

Credit Score Vs Cibil Score: लोन एप्लीकेंट को क्रेडिट स्कोर (Credit Score), सिबिल स्कोर और क्रेडिट रिपोर्ट जैसे शब्द बहुत कंफ्यूज करने वाले लग सकते हैं. लोन के लिए अप्लाई करते समय ये शब्द आपके सामने आएंगे. बैंक अब लोन एप्लीकेंट की क्रेडिट हिस्ट्री को काफी अहमियत दे रहे हैं. वो डिफॉल्ट के रिस्क को कम करने के लिए एक अच्छी क्रेडिट हिस्ट्री वाले एप्लीकेंट को लोन देना पसंद करते हैं. बैंक एप्लीकेंट के ‘क्रेडिट स्कोर’ का इस्तेमाल यह निर्धारित करने के लिए करते हैं कि एप्लीकेंट लोन के लिए एलिजिबल है या नहीं. लोन एप्लीकेंट के सामने CIBIL स्कोर, क्रेडिट स्कोर जैसे कई टर्म आते हैं. आइए इन टर्म का मतलब समझे ताकि इनके बीच अंतर को समझ सकें.

क्रेडिट स्कोर

भारत में, आपका क्रेडिट स्कोर तीन डिजिट का एक नंबर होता है जो आपकी क्रेडिट हिस्ट्री बताता है. एक क्रेडिट ब्यूरो आपकी क्रेडिट हिस्ट्री कंसीडर करता है और 3 डिजिट स्कोर को कैलकुलेट करने के लिए अपने खुद के एल्गोरिदम का इस्तेमाल करता है, आमतौर पर ये 300 और 900 के बीच होता है.

एक हाई क्रेडिट स्कोर इंडिकेट करता है कि आपने अतीत में अपने क्रेडिट को समय पर चुकाया है. भारत में ज्यादातर लैंडर उन्हें लोन देना पसंद करते हैं जिनका क्रेडिट स्कोर 700 या उससे अधिक है.

सिबिल स्कोर

लोग अक्सर क्रेडिट स्कोर और सिबिल स्कोर को एक ही समझने की गलती करते हैं. भारत सरकार ने व्यक्तियों के क्रेडिट का मूल्यांकन करने के लिए चार क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों को अथॉराइज्ड किया है. TransUnion CIBIL, Experian PLC, HighMark Federal Credit Union, और Equifax Inc. इसमें शामिल कंपनियां हैं. ट्रांसयूनियन CIBIL इन क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों में सबसे अधिक इस्तेमाल की जाती है. एक हाई CIBIL स्कोर आपके फाइनेंशियल डिसिप्लिन और इंटीग्रिटी को प्रदर्शित करता है.

हर बार जब आप लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करते हैं, तो आपके रीसेंट क्रेडिट स्कोर (पिछले छह महीनों के भीतर) को एनालाइज किया जाता है. आम तौर पर, 700 या अधिक के स्कोर को बढ़िया माना जाता है, हालांकि कुछ बैंक इससे ज्यादा का स्कोर चाहते हैं, और कुछ इससे कम स्कोर पर भी संतुष्ट हो जाते हैं.

अंत में

फाइनेंशियल हेल्थ को बनाए रखना फिजिकल फिटनेस बनाए रखने की तरह है. हेल्दी रहने के लिए व्यक्ति को प्रतिदिन एक्सरसाइज करना चाहिए; इसी तरह, एक अच्छा क्रेडिट स्कोर बनाए रखने के लिए सभी फाइनेंशियल पैरामीटर को मॉनिटर करना चाहिए. यह मत भूलिए कि एक मजबूत क्रेडिट स्कोर वेल्थ बनाने में आपकी मदद करने के लिए एक लंबा रास्ता तय कर सकता है. इसलिए, नियमित रूप से स्कोर चेक करना न भूलें.

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