बैंक अपनी सेवाओं के लिए काफी अधिक शुल्क ले रहा है? इससे बचने के लिए उठाएं ये कदम

यदि बैंक किसी अनावश्यक चार्ज को वापस करने से इंकार करता है, तो आप बैंकिंग लोकपाल से इसकी शिकायत कर सकते हैं.

बैंक अपनी सेवाओं के लिए काफी अधिक शुल्क ले रहा है? इससे बचने के लिए उठाएं ये कदम
यदि आप अपने मौजूदा बैंक की सेवाओं से खुश नहीं हैं तो आप अपने बैंक को बदल भी सकते हैं. PC: Flickr

बैंक, मुफ्त में सेवाएं प्रदान नहीं करते. दरअसल, बैंक विभिन्न तरह की सेवाओं के एवज में आपके खाते से पैसा काट लेते हैं. कई बार में ये शुल्क हमें चिंतित भी करते हैं. Alankit के एमडी अंकित अग्रवाल बताते हैं, “बीते कुछ वर्षों के दौरान बैंकों की ब्याज दरों में बड़ा बदलाव आया है. साथ ही उन्होंने अपने शुल्कों में भी परिवर्तन किया है. वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कुछ नए शुल्क भी जोड़े हैं.”
कई बार ये शुल्क ज्यादा लगते हैं. ऐसे में हम आपको इन शुल्कों को कम से कम रखने के उपाय सुझा रहे हैं:

एकाउंट फीस

बैंक खाते में हमेशा एक न्यूनतम बैलेंस रखना आवश्यक होता है. यह अलग-अलग बैंकों में अलग-अलग होता है. न्यूनतम बैलेंस न होने पर आपको कुछ पेनॉल्टी देनी होती है. बेहतर होगा हमेशा न्यूनतम बैलेंस रखें. साथ ही एकाउंट फीस पर नजर रखनी चाहिए.

इनवायस को पढ़ें

विभिन्न प्रकार के ट्रांसजैक्शन पर लगने वाली फीस की जानकारी रखने के लिए बैंक हमेशा इनवायस का प्रोफॉर्मा मांगना चाहिए. अग्रवाल कहते हैं, “लोन के मामले में यह इनवायस काफी महत्वपूर्ण हो जाता है.”

निगोशिएट करें

ब्याज दरों के लिए बैंक के साथ निगोशिएट करें. अपने लिए बेस्ट प्राइस प्राप्त करने के लिए दो-तीन बैंकों से संपर्क करना चाहिए.

बैंकों के नोटिफिकेशन पर नजर रखें

सर्विस फीस बढ़ाते वक्त, अक्सर कई बैंक अपने ग्राहकों को एसएमएस या फिर ईमेल के जरिए सूचना भेजते हैं. ध्यान रखें की, बैंक में आपका ईमेल और फोन नंबर हमेशा अपडेट रहे. बैंक से आए मैसेज पर भी ध्यान दें.

साथ ही, बैंक स्टेटमेंट पर हमेशा नजर रखें, चाहे वह मासिक हो या फिर तिमाही आधार पर. संभव है कि बैंक आपके खाते से उन सेवाओं के बदले पैसा काट लिया हो, जिन सेवाओं का आपने उपयोग ही न किया हो.

लोकपाल की सेवाएं लें

यदि बैंक किसी अनावश्यक चार्ज को वापस करने से इंकार करता है तो, आप बैंकिंग ओम्बड्समैन से इसकी शिकायत कर सकते हैं. यदि यह चार्ज बहुत अधिक है तो आप किसी विशेषज्ञ से भी सलाह ले सकते हैं.

बैंक बदलने पर भी विचार करें

यदि आप अपने मौजूदा बैंक की सेवाओं से खुश नहीं हैं तो आप अपने बैंक को बदल भी सकते हैं. हालांकि, जल्दबाजी में ऐसा न करें. नए बैंक में खाता खोलने के बाद अपने लोन, एसआईपी, बीमा वगैरह को भी उस से अटैच करना न भूलें.

यदि आप अपने ECS का सही प्रबंधन नहीं करेंगे तो आपका क्रेडिट स्कोर खराब हो सकता है. अपने लोन की किस्त पर भी ध्यान दें. इसके अलावा पुराने के क्रेडिट कार्ड पर मिले रिवार्ड प्वांइट का भी पूरा इस्तेमाल करें.

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