जल्दबाजी में जुटा रहे हैं पैसा तो भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां

अगर आपने पैसा जुटाने के लिए अपने कुछ निवेश खत्म कर दिए हैं तो यह सुनिश्चित करना होगा कि आपको लगातार बचत करनी होगी.

  • Money9 Hindi
  • Publish Date - October 22, 2021 / 11:12 AM IST
जल्दबाजी में जुटा रहे हैं पैसा तो भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां
कोरोना महामारी की पहली लहर की तुलना में दूसरी लहर के बाद व्यापार और परिचालन गतिविधियां तेजी से सामान्य हो रही हैं. 

आपात स्थिति या इमरजेंसी हालात से कोई भी किसी भी वक्त जूझ सकता है. ऐसे में सबसे पहली जरूरत पैसे की होती है. बात चाहे किसी हादसे की हो, अस्पताल में भर्ती होने की या अचानक आने वाली किसी जिम्मेदारी की, इन सबका सीधा असर वित्तीय स्थिति पर पड़ता है. इस तरह के हालात से निपटने के लिए काफी लोग जल्दबाजी में पैसा जुटाते हैं. कुछ लोग आपातकालीन फंड का इंतजाम रखते हैं, लेकिन कई बार वह भी नाकाफी साबित होता है. ऐसे में जब आप जल्दबाजी में पैसा जुटा रहे हैं तो आपको इन पांच गलतियों से हर हाल में बचना चाहिए.

खत्म न करें सभी विकल्प

जब किसी को पैसों की जरूरत होती है तो सबसे पहले इमरजेंसी फंड से पैसे निकालने की बात दिमाग में आती है. कुछ लोग पर्सनल लोन के लिए बैंक से संपर्क करते हैं तो कई कुछ इनवेस्टमेंट खत्म कर देते हैं. ऐसे मौकों पर जल्दबाजी नहीं दिखानी चाहिए. आपको हर विकल्प के फायदे और नुकसान समझने चाहिए. उदाहरण के लिए आपको पर्सनल लोन, सोने बेचने, कुछ निवेश खत्म करने और दोस्तों व परिजनों से उधार मांगने आदि विकल्पों की तुलना करनी चाहिए. इनके अच्छे और बुरे पक्ष पर विचार करें. अगर आप पर्सनल लोन लेने का मन मना चुके हैं तो बैंकों के ऑफर्स की तुलना जरूर करें.

कुल लागत पर विचार जरूरी

कुछ लोग कम ब्याज दर होने के चलते फाइनेंसिंग ऑप्शन चुन लेते हैं. ऐसी स्थिति में कुल लागत का आकलन जरूर करें. किसी भी बैंक या फिनटेक कंपनी से पर्सनल लोन लेते वक्त प्रोसेसिंग फीस और प्रीपेमेंट कॉस्ट की जांच जरूर करें. इनकी वजह से कर्ज की कुल लागत बढ़ सकती है.

कैश फ्लो पर भी विचार करना जरूरी

जरूरत के वक्त आप सिर्फ पैसों पर ही फोकस न करें. आपको भविष्य में अपने कैश फ्लो पर पड़ने वाले असर को भी ध्यान रखना चाहिए. जल्दबाजी में आप पर्सनल लोन ले सकते हैं, लेकिन अगर कुछ समय बाद आपकी कोई बीमा पॉलिसी मेच्योर हो रही है तो उस पर कर्ज लेना ज्यादा आसान हो सकता है. इसके अलावा एफडी तोड़ने की जगह आप उस पर भी कर्ज ले सकते हैं. अगर कैश फ्लो की दिक्कत कुछ समय के लिए ही है तो यह विकल्प बेहतर तरीके से काम करता है.

निवेश या संपत्ति को बेचना कितना सही?

आपात स्थिति में अपने निवेश या संपत्ति को जल्दबाजी में कभी न बेचें. आप इनकी एवज में भी कर्ज ले सकते हैं. अगर आपने इक्विटी म्यूचुअल फंड में कुछ निवेश किया है और बाजार में गिरावट है तो उन निवेशों को बेचने से कोई फायदा नहीं होगा. आप इन्हें कोलेट्रल के रूप में पेश करके भी कर्ज ले सकते हैं. अगर आप अपनी संपत्ति बेचने के बारे में सोच रहे हैं और खरीदार को आपके हालात का अंदाजा लग गया तो आपको संपत्ति की सही कीमत नहीं मिलेगी. ऐसे में बेहतर होगा कि उधार लेकर पैसा जुटाया जाए.

दोस्तों और परिजनों से उधार लेना कितना सही?

मुसीबत के वक्त दोस्तों या परिजनों से उधार मांगना पुराना तरीका हो सकता है, लेकिन उनके पास अतिरिक्त पैसा है तो बैंक या उधार देने वाली किसी संस्था को ब्याज देने की जगह करीबियों को पैसा देना ज्यादा बेहतर विकल्प हो सकता है. यहां कर्ज को लेकर शर्तें भी सामान्य हो सकती हैं.

आप चाहे किसी भी तरीके से पैसा जुटाएं, लेकिन यह सुनिश्चित जरूर करें कि आपका तरीका सही है. अपने मित्रों और परिजनों या बैंक को सही समय पर पैसा लौटाएं. यदि पैसा जुटाने के लिए आपको अपने कुछ निवेश खत्म करने पड़ गए तो नियमित रूप से बचत करें और उन संपत्तियों को दोबारा तैयार करने के लिए निवेश करें. इसके अलावा आपातकालीन फंड भी तैयार करें.

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