टैक्स और इंश्योरेंस पर ये हैं एक्सपर्ट टिप्स

इंश्योरेंस समधान के शैलेश कुमार ने कहा कि मिस-सेलिंग कई तरह की हो सकती है. ये गलत जानकारी के आधार पर तैयार हुआ गलत कॉन्ट्रैक्ट हो सकती है.


ByTheBook Consulting के अनुराग जैन और इंश्योरेंस समाधान के शैलेश कुमार ने मनी9 के साथ एक एक्सक्लूसिव बातचीत में नई टैक्स व्यवस्था और इंश्योरेंस मिस-सेलिंग के बारे में अपने एक्सपर्ट टिप्स और इनसाइट्स साझा की हैं.

जैन ने कहा, “नई व्यवस्था में इन्वेस्टमेंट, लोन या इंश्योरेंस लिंक्ड टैक्स डिडक्शन ऑफर नहीं किए जाते हैं. ऐसे में अगर आप योग्य हैं तो आपको पुरानी व्यवस्था पर टिके रहना चाहिए. सही फैसला लेने के लिए आंकड़ों को अच्छी तरह से खंगाल लें.”

इंश्योरेंस समधान के शैलेश कुमार ने कहा कि मिस-सेलिंग कई तरह की हो सकती है. ये गलत जानकारी के आधार पर तैयार हुआ गलत कॉन्ट्रैक्ट हो सकती है. कई दफा पॉलिसीज बेचने के चक्कर में मैच्योरिटी वैल्यू गलत बताई जाती है. ऊंचे मैच्योरिटी प्रीमियम का वादा किया जाता है. कुछ दफा प्रीमियम पेमेंट टर्म ठीक से नहीं बताया गया होताहै. एजेंट्स पहले से मौजूद बीमारियों को छिपा लेते हैं और फिर क्लेम्स खारिज हो जाते हैं. मिस-सेलिंग का एक और उदाहरण ये है कि बीमा को एक लोन या रेगुलर इनकम के तौर पर बेचा जाता है.

Published - September 5, 2021, 02:20 IST