भारत में 94% माता-पिता चाहते हैं बच्चों को जल्द लगे वैक्सीन: रिपोर्ट

COVID-19 Third Wave: शहर में रहने वाले हर 5 में से 4 भारतीय की राय है कि कोविड-19 की अगली लहर आएगी. ऐसे में जब बच्चों में संक्रमण को लेकर चिंताएं हैं

भारत  में 94% माता-पिता चाहते हैं बच्चों को जल्द लगे वैक्सीन: रिपोर्ट
विश्व के 16 देशों में किए सर्वे में 76 फीसदी माता-पिता चाहते हैं कि बच्चों को वैक्सीन लगाई जाए

COVID-19 Third Wave: कोरोना वायरस की तीसरी लहर की आशंकाओं के बीच माता-पिता बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और जल्द से जल्द उनका टीकाकरण करवाना चाहते हैं, इप्सोस एसेंशियल (Ipsos Essential) की एक ग्लोबल सर्वे में ये जानकारी दी गई है. भारत के शहरी इलाकों में तकरीबन 94 फीसदी माता-पिता ने कहा कि वे अपने बच्चों को जल्द से जल्द कोविड-19 रोधी वैक्सीन लगवाना चाहते हैं. सर्वे में कहा गया है कि 16 देशों में किए गए सर्वे में भारत में टीकाकरण को लेकर हिचक सबसे कम है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि विश्व के 76 फीसदी पेरेंट्स बच्चों को वैक्सीन लगवाना चाहते हैं. ऐसे दौर में जब बच्चों में संक्रमण को लेकर चिंताएं और आशंकाएं हैं तब बच्चों के लिए कोई वैक्सीन उपलब्ध ना होना चिंताएं बढ़ाता है.

भारत में क्या है स्थिति?

गौरतलब है कि भारत में अब भी हर दिन 60 हजार से ज्यादा लोग कोविड-19 पॉजिटिव पाए जा रहे हैं और 2300 के करीब रोजाना मौत दर्ज की जा रही है.  हालांकि, रिकवरी रेट बढ़कर 96 फीसदी के करीब पहुंच गया है. कोविड में सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र में फिर से 10,000 से ज्यादा मरीज मिले हैं.  टीकाकरण में तेजी जरूर आई है लेकिन अब तक 5 करोड़ से भी कम लोगों को दोनों डोज लगाई गई है. कुल 26 करोड़ से ज्यादा टीके लगाए गए हैं.

इस बीच 15 से ज्यादा राज्यों ने लॉकडाउन जैसे प्रतिबंधों में ढील देनी शुरू कर दी है. हालांकि, तेलंगाना, मेघालय, सिक्किम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, गोवा जैसे राज्य में अब भी प्रतिबंध लागू हैं.

अगली लहर का खतरा

शहर में रहने वाले हर 5 में से 4 भारतीय की राय है कि कोविड-19 की अगली लहर आएगी. 81 फीसदी भारतीयों के मुकाबले अन्य देशों के 67 फीसदी लोगों का मानना है कि तीसरी लहर का सामना करना पड़ेगा. जापान, दक्षिण अफ्रीका और दक्षिण कोरिया में इसे लेकर सबसे ज्यादा चिंता देखने को मिली है. जापान में 86 फीसदी और दक्षिण अफ्रीका में 84 फीसदी लोगों को अगली लहर आने की आशंका है.

बच्चों को खतरा?

इप्सोस इनोवेशन एंड एमएसयू इंडिया के ग्रुप सर्विस लाइन लीडर कृष्णेंदु दत्ता का कहना है, “बच्चों को भी संक्रमण का खतरा है. वैक्सीन से सुरक्षा से माता-पिता को भरोसा मिलेगा और भविष्य में बच्चों के लिए टीकाकरण अभियान जरूरी है ताकि माता-पिता बच्चों को लेकर सुरक्षित महसूस कर सकें, खास तौर पर जब एक समय स्कूल और कॉलेज खुलेंगे.”

गौरतलब है कि भारत में वैक्सीन को लेकर हिचक सर्वे वाले 16 देशों में सबसे कम है. भारत में 96 फीसदी लोग वैक्सीन के लिए तैयार पाए गए. वहीं, रूस में वैक्सीन को लेकर हिचक सबसे ज्यादा है. यहां 54 फीसदी मानते हैं कि वे शायद ही वैक्सीन लगवाएं.

इस सर्वे में ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, चीन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, मैक्सिको, भारत, जापान, रूस, अमेरिका और युनाइटेड किंग्डम जैसे कुल 16 देशों से 16,000 लोगों से जवाब लिए गए.

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