कोरोना के इलाज में विराफिन इंजेक्शन के इमरजेंसी इस्तेमाल की मिली मंजूरी, Zydus ने दी सूचना

COVID Treatment: Zydus ने बताया है कि डॉक्टरों के प्रेस्क्रिप्शन पर विराफिन (Virafin) को अस्पतालों या मेडिकल सेटअप में इस्तेमाल किया जा सकेगा

कोरोना के इलाज में विराफिन इंजेक्शन के इमरजेंसी इस्तेमाल की मिली मंजूरी, Zydus ने दी सूचना

COVID-19 Medicine: कोरोना संकट के बीच एक उम्मीद की खबर है. फार्मा कंपनी जायडस कैडिला (Zydus Cadila) ने स्टॉक एक्सचेंजो को दी जानकारी में कहा है कि जायडस (Zydus) की दवा विराफिन (Virafin) को कोरोना के इलाज में इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए भारत के ड्रग रेगुलेटर DCGI से मंजूरी मिल गई है. जायडस ने जानकारी देते हुए कहा कि ऐसे वयस्क जिनमें कोविड-19 के मध्यम लक्षण हैं उनके इलाज के लिए विराफिन को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया से मंजूरी मिली है. खबर की वजह से कैडिला हेल्थकेयर के शेयर में 4.33 फीसदी का उछाल देखने को मिला है.

जायडस के मुताबिक एंटीवायरल इंजेक्शन विराफिन (Virafin) का एक डोज भी ऐसे मरीजों में लाभाकारी हुआ है जिन्हें ये शुरुआती दौर में ही दिया गया.

कंपनी ने कहा कि PegIFN विराफिन लगाए जाने के 7 दिन बाद 91.15 फीसदी मरीजों का RT-PCR टेस्ट निगेटिव आया है.  जायडस ने ये भी कहा है कि इस इलाज से मरीजों को जितने देर ऑक्सीजन देने की जरूरत पड़ती है उसमें भी गिरावट आई है. साथ ही जिन मरीजों को ये दवा दी गई वे ज्यादा जल्दी और बिना किसी तकलीफ से रिकवर हो गए.

कंपनी ने बताया है कि डॉक्टरों के प्रेसक्रिप्शन पर विराफिन (Virafin) को अस्पतालों या मेडिकल सेट-अप में इस्तेमाल किया जा सकेगा.

कैसे आराम पहुंचाती है Virafin?

कंपनी ने भारत में 20-25 सेंटर्स में ट्रायल किए हैं जिससे पता चला है कि विराफिन (Virafin) के इस्तेमाल से कोरोना मरीजों में अलग से ऑक्सीजन लेने पर निर्भरता घटी और सांस लेने में होने वाली दिक्कतों में आराम पहुंचा. दवा दूसरी वायरल बीमारियों पर भी कारगर रही है.

कैडिला हेल्थकेयर (Cadila Healthcare) के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ शरविल पटेल का कहना है कि शुरुआती दौर में दिए जाने पर ये दवा वायरल लोड कम करती है. कोरोना से लड़ाई के ऐसे कठिन समय में ये उपलब्धि मिली है जब कोविड-19 मरीजों को इलाज की सख्त जरूरत है.

आपको बता दें कि फिलहाल भारत में रेमडेसिविर की डिमांड काफी ज्यादा है हाालंकि AIIMS-दिल्ली के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने साफ कहा है कि ये रामबाण इलाज नहीं है और सिर्फ गंभीर मरीजों के ही देनी चाहिए.

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