मोतीलाल ओसवाल के सिद्धार्थ खेमका और एलर्नमार्केट्स के विवेक बजाज का जोर इस बात पर है कि बुल रन मैक्रो फैक्टर पर क्यों निर्भर करता है? उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों से, हम लगातार यह तर्क दे रहे हैं कि बाजार में तेजी से सुधार होने वाला है. मौजूदा समय में मार्केट में कई तरह की चिंताए भी हैं. हालांकि, कुछ ऐसे फैक्टर हैं जिनकी वजह से बाजार आगे बढ़ रहा है. इसके लिए किसी को ग्राउंडेड रहने और वैल्यूएशन पर नजर रखने की जरूरत है. वहीं मार्केट में अभी भी मजबूती बरकरार है.
बजाज ने कहा कि उनका मानना है कि 2009 से बुल मार्केट है. वहीं हम इस संरचनात्मक बुल मार्केट का हिस्सा रहे हैं. उन्होंने कहा कि जहां कई सरकारों और बैंकों की ओर से लिक्विडिटी के फ्लो को प्रेरित किया गया है.
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