Allotment ना मिलने पर भी IPO में कर पाएंगे निवेश, Edelweiss ने निकाला तोड़

IPO में रिटेल निवेशकों के हाथ खाली रह जाते हैं. Edelweiss की MD राधिका गुप्ता कहती हैं कि हम अपने IPO Fund के जरिए इस परेशानी का हल दे रहें हैं.


Initial Public Offering ( IPO) में शेयर्स नहीं मिला, लेकिन तब भी IPO पेश करने वाली कंपनी में आप निवेश कर सकते हैं. ये मुमकिन कर रही है Edelweiss अपने Recently Listed IPO Fund (ERLIPO) के जरिए. इन दिनों एक के बाद एक Initial Public Offering (IPO) की लाइन लग गई है. एक दिन में 3-3 IPO बाजार में दस्तक दे रहें हैं. मिड अगस्त तक 36 कंपनियों के IPO आ चुके हैं.

बड़ी तादाद में लोग इन IPO में अप्लाई भी कर रहें हैं, लेकिन सब्सक्रिप्शन मिलना इतना आसान भी नहीं है. Zomato जैसे over-subscribe हो रहे IPO में ज्यादतर रिटेल निवेशकों के हाथ खाली रह जाते हैं. Edelweiss AML की MD और CEO राधिका गुप्ता कहती हैं कि हम अपने IPO Fund के जरिए लोगों की इस परेशानी का हल ले कर आएं हैं. Edelweiss ने अपने क्लोज एंडेड फंड Maiden Opportunities को मैच्योरिटी के बाद IPO Fund के तौर पर ओपन-एंडेड फंड बना दिया है.

Edelweiss Recently Listed IPO Fund म्यूचुअल फंड के जरिए आपको IPO लाने वाली कंपनी में निवेश करने का मौका देता है. Edelweiss नए पब्लिक ऑफर्स में तीन तरीके से हिस्सा लेता है. बतौर एंकर या क्वॉलिफाइड इन्वेस्टर के तौर पर या फिर लिस्टिंग के बाद सेकंडरी मार्केट से भी खरीदारी करता है.

राधिका गुप्ता के मुताबिक इस फंड का मकसद लिसटिंग गेन नहीं देना है बल्कि रिटेल इंवेस्टर के लिए उन कंपनियों को चुनना है, जिनमें बढ़त की गुंजाइश दिखती है. राधिका के मुताबिक इस फंड में लंबे समय के लिहाज से निवेश करना चाहिए और कम से कम 5-7 साल का नजरिया रखना चाहिए. Edelweiss AML की MD और CEO राधिका गुप्ता से पूरी बातचीत देखिए वीडियो.

Published - August 14, 2021, 05:54 IST