जूनियो से बच्चे किस तरह से हो रहे वित्तीय रूप से शिक्षित?

पेरेंट्स जूनियो पर साइनअप करते हैं. बच्चे की न्यूनतम जानकारी दर्ज करनी पड़ती है. इसके बाद एक वर्चुअल कार्ड जारी किया जाता है.


हर कोई अपने लगाए गए पैसे पर ज्यादा रिटर्न चाहता है. साथ ही अब फाइनेंशियल इनक्लूजन केवल बैंकों तक सीमित नहीं रहा है. मार्केट में कई फिनटेक कंपनियां आ गई हैं जो कि कस्टमर्स को कई तरह की सर्विसेज दे रही हैं.
ये कंपनियां इनवेस्टर्स को पैसा बढ़ाने और बचाने में मदद दे रही हैं. मनी9 के शो में इसी मसले पर बात करने के लिए जूनियो (Junio) के को-फाउंडर अंकित गेरा आए. वे पैसे बढ़ाने और बचाने की जानकारी दे रहे हैं.

जूनियो (Junio) क्या है? इसे आपने क्यों लॉन्च किया?

मैं पांच साल पेटीएम में रहा हूं. मैं फाइनेंशियल इंडस्ट्री में रहा हूं. मैं इसी पर काम करना चाहता था. आज के किड्स टेक सेवी हैं और पैसे खर्च करना जानते हैं और इसे देखते हुए ही हमने इसे लॉन्च किया है.
क्या एज ग्रुप है?
12-16 का टारगेट किया था. लेकिन, 10 साल के बच्चे भी इसका इस्तेमाल कर रहे हैं.

जूनियो कैसे काम करता है?

पेरेंट्स जूनियो पर साइनअप करते हैं. बच्चे की न्यूनतम जानकारी दर्ज करनी पड़ती है. इसके बाद एक वर्चुअल कार्ड जारी किया जाता है. ये मास्टरकार्ड होता है. ये प्रीपेड कार्ड होता है. अब बच्चे के पास अपना कार्ड होता है और उसे ओटीपी के लिए पेरेंट्स पर डिपेंड नहीं रहना होता है.

बच्चों में फाइनेंशियल जानकारी देना हमारा मुख्य मकसद है. इसके लिए ऐप में कई फीचर्स दिए गए हैं.

पूरी जानकारी के लिए ये वीडियो देखेंः

Published - August 1, 2021, 06:02 IST