पर्सनल लोन ईएमआई कैलकुलेटर

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FAQs

  • पर्सनल लोन कैलकुलेटर क्या है?

    मनी9 पर्सनल लोन कैलकुलेटर से आपको अपने पर्सनल लोन के लिए हर महीने चुकाई जाने वाली किस्त यानी EMI का पता चलता है. इससे आपको अपने लोन रीपेमेंट की ज्यादा जानकारी मिलती है और ये पूरी जानकारी आप बस एक क्लिक के जरिए हासिल कर सकते हैं. इस टूल के साथ आप आसानी से ये तय कर सकते हैं कि आपके लिए कौन सा पर्सनल लोन बढ़िया है. आप अलग-अलग टेन्योर के लिए चुकाई जाने वाली रकम को देख सकते हैं. पर्सनल लोन कुछ क्राइटेरिया पर आधारित होते हैं. इनमें इनकम, एंप्लॉयमेंट हिस्ट्री, क्रेडिट हिस्ट्री और रकम चुकाने की कैपेसिटी जैसे फैक्टर शामिल होते हैं. पर्सनल लोन का अधिकतम टेन्योर 12 से 60 महीने के बीच होता है. चूंकि, ये अनसिक्योर्ड लोन होते हैं, ऐसे में इन पर ज्यादा ब्याज लगता है. ऊंचे क्रेडिट स्कोर से अक्सर आपको ज्यादा लोन अमाउंट मिल पाता है. ऐसे में अगर आप पर्सनल लोन के लिए एप्लाई कर रहे हैं और आपके मन में EMI को लेकर कोई सवाल है तो मनी9 पर्सनल लोन कैलकुलेटर आपकी मदद के लिए हाजिर है.

  • पर्सनल लोन EMI कैलकुलेटर कैसे इस्तेमाल करें?

    पर्सनल लोन कैलकुलेटर से आपको अपनी EMI को आसानी से पता करने की सहूलियत मिलती है. आपके पर्सनल लोन की ब्याज दर को बैंक तय करता है. ऐसे में पर्सनल लोन कैलकुलेटर एक मोटा आइडिया देता है कि आपके एक निश्चित लोन अमाउंट पर कितनी EMI आ सकती है. इसके जरिए आप ज्यादा बेहतर फैसला ले सकते हैं. पर्सनल लोन EMI में मूलधन और रीपेमेंट अमाउंट दोनों शामिल होते हैं. दूसरी ओर, इंटरेस्ट ओनली वाले लोन में आपसे केवल ब्याज लिया जाता है और टेन्योर के आखिर में आपको मूलधन देना होता है. कैलकुलेटर के जरिए आप आसानी से अपने निवेश को प्लान कर सकते हैं. पर्सनल लोन लेने का मकसद घर का रिनोवेशन, शादी का खर्च, मेडिकल आपातकाल या वेकेशन हो सकता है. मनी9 पर्सनल लोन कैलकुलेटर में आपको अपने खर्चों की मैपिंग करने और रीपेमेंट कैपेसिटी जांचने की सहूलियत मिलती है. पर्सनल लोन लेने के लिए आपके पास एक रेगुलर इनकम होनी चाहिए. एक बार आपका पर्सनल लोन एप्रूव हो जाए तो इस रकम को या तो सीधे आपके बैंक अकाउंट में डाल दिया जाता है या फिर आपको चेक/ड्राफ्ट दिया जाता है.

  • पर्सनल लोन EMI कैलकुलेटर क्यों जरूरी है?

    पर्सनल लोन कैलकुलेटर से मोटे तौर पर आपको अपनी EMI का पता करने में मदद मिलती है. इससे आप अपने मौजूदा खर्चों और लाइबिलिटी को देखते हुए अपनी EMI चुकाने की हैसियत जांच सकते हैं और लोन को लेकर एक सही फैसला कर सकते हैं. आप अपनी मनपसंद का टेन्योर भी चुन सकते हैं ताकि आप लोन पर डिफॉल्ट न करें क्योंकि पर्सनल लोन पर डिफॉल्ट करने का मतलब है आपके क्रेडिट स्कोर में गिरावट. खराब क्रेडिट स्कोर से आपके लिए भविष्य में दूसरे लोन लेना भी मुश्किल हो सकता है. बैंक आपके पर्सनल लोन के इस्तेमाल को मॉनिटर नहीं करता. इन लोन्स में अधिकतम टेन्योर 5 साल का होता है. पर्सनल लोन EMI कैलकुलेटर से ये पता चलता है कि आप अपनी सैलरी से हर महीने कितना पैसा देने में सक्षम हैं. आमतौर पर बैंक आपकी मासिक इनकम के 40-50 फीसदी से ज्यादा EMI वाले लोन नहीं देते हैं. ऐसे में ये कैलकुलेटर पहले ही आपको सही टेन्योर और अमाउंट को तय करने की समझ देता है.

  • पर्सनल लोन EMI पर असर डालने वाले फैक्टर?

    पर्सनल लोन आप अपनी किसी भी जरूरत के लिए ले सकते हैं. पर्सनल लोन लेने का मकसद घर का रिनोवेशन, शादी का खर्च, मेडिकल आपातकाल या वेकेशन हो सकता है. पर्सनल लोन का अधिकतम टेन्योर 12 से 60 महीने के बीच होता है. चूंकि, ये अनसिक्योर्ड लोन होते हैं, ऐसे में इन पर ज्यादा ब्याज लगता है. पर्सनल लोन कुछ क्राइटेरिया पर आधारित होते हैं. इनमें इनकम, एंप्लॉयमेंट हिस्ट्री, क्रेडिट हिस्ट्री और रकम चुकाने की कैपेसिटी जैसे फैक्टर शामिल होते हैं. पर्सनल लोन EMI कैलकुलेटर से ये पता चलता है कि आप अपनी सैलरी से हर महीने कितना पैसा देने में सक्षम हैं. आमतौर पर बैंक आपकी मासिक इनकम के 40-50 फीसदी से ज्यादा EMI वाले लोन नहीं देते हैं. ऊंचे क्रेडिट स्कोर से अक्सर आपको ज्यादा लोन अमाउंट मिल पाता है.

  • पर्सनल लोन एमॉर्टाइजेशन शेड्यूल क्या होता है?

    पर्सनल लोन एमॉर्टाइजेशन शेड्यूल आपको लोन से जुड़ी ऐसी जानकारियां देता है जिससे आपका वक्त और पैसा दोनों बच सकता है. ये टेबल बताती है कि आपको प्रिंसिपल अमाउंट और ब्याज के तौर पर लोन टेन्योर के दौरान कितना पैसा चुकाना होगा. एमॉर्टाइजेशन शेड्यूल का इस्तेमाल करके आप हर किस्त में जाने वाला मूलधन और ब्याज देख सकते हैं. ऐसे में आपको वास्तव में पता चलता है कि लोन के अंत में ब्याज के तौर पर कितना पैसा दे रहे हैं यानी लोन आपको कितना महंगा पड़ रहा है. साथ ही इसमें आपको हर पेमेंट के बाद का पेमेंट भी पता चलता है.

  • मनी9 पर्सनल लोन कैलकुलेटर क्यों चुनें?

    पर्सनल लोन को किसी भी तरह की अपनी जरूरत के लिए लिया जा सकता है. इनमें शादी का खर्च, घर खरीदना या रेनोवेशन कराना, कार खरीदना और यहां तक कि मेडिकल आपातकाल जैसी परिस्थितियां शामिल होती हैं. चूंकि, ये अनसिक्योर्ड लोन होते हैं ऐसे में बैंक इन पर ज्यादा ब्याज दर लेते हैं. इसे देखते हुए आपको बेहद सतर्कता से अपने लिए पर्सनल लोन का चुनाव करना चाहिए. मनी9 पर्सनल लोन कैलकुलेट से आपको मार्केट में मौजूद सबसे बढ़िया डील्स का पता चलता है. आप जान सकते हैं कि आपके लिए सबसे अच्छा टेन्योर कौन सा है और आपकी लोन चुकाने की हैसियत कितनी है. इस तरह के फैक्टर्स का विश्लेषण करना जरूरी है क्योंकि पर्सनल लोन देने में बैंक एक क्राइटेरिया को देखते हैं. इसमें आपकी आमदनी, रीपेमेंट की कैपेसिटी, क्रेडिट स्कोर जैसी चीजें आती हैं.

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