ऑनलाइन डिलिवरी की बढ़ी डिमांड, जानें इंडिया की शॉपिंग लिस्ट में क्या है

Online Shopping List: 33% लोग लैपटॉप, फोन जैसे गैजेट की खरीदारी को जरूरी मानते हैं तो वहीं 23% एयर कंडीश्नर, कूलर, फैन को अपनी लिस्ट में जोड़ रहे हैं

ऑनलाइन डिलिवरी की बढ़ी डिमांड, जानें इंडिया की शॉपिंग लिस्ट में क्या है
आयोग ने इसके लिए ‘डिजिटल बैंक (Digital Bank) भारत के लिए लाइसेंसिंग और नियामकीय व्यवस्था को लेकर प्रस्ताव’ शीर्षक से जारी एक परिचर्चा पत्र में यह प्रस्ताव किया है

महामारी की दूसरी लहर में रोजाना संक्रमण के मामले 4 लाख को भी पार कर गए. अप्रैल के बाद बढ़े इस संकट की रोकथाम के लिए अलग-अलग राज्यों ने अपने स्तर पर लॉकडाउन और प्रतिबंध लगाए. दूध, सब्जियों, राशन के अलावा शायद ही किसी अन्य खरीदारी के लिए दुकानें खुली रहीं और यही समय था जब इंडिया ने डिजिटल शॉपिंग को अपनाया और होम डिलिवरी वाले प्लेटफॉर्म्स और ऐप पर नए अकाउंट खुले. लोकल सर्कल्स की रिपोर्ट के मुताबिक अगले 3 महीने भी ज्यादातर लोग कॉन्टेक्टलेस होम डिलिवरी और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों पर ही टिकेंगे.

लोकल सर्कल्स ने देश के 303 जिलों में 20,217 लोगों के बीच किए सर्वे में ये पाया है कि 66 फीसदी लोग आगे भी होम डिलिवरी और कॉन्टेक्टलेस डिलिवरी को ही प्राथमिकता देंगे. सर्वे में लोगों ने अनलॉकिंग कैसे हो इसपर भी सुझाव दिए हैं.

सर्वे के मुताबिक सिर्फ बड़े शहरों में ही नहीं, बल्कि, टियर 1, 2 और 3 शहरों में भी लोग कॉन्टेक्टलेस होम डिलिवरी पर ही फोकस कर रहे हैं.

किस सामान की मांग?

कोविड-19 की रोकथाम के लिए लगाए गए लॉकडाउन के समय जरूरी सेवाएं जारी थीं लेकिन बच्चों के स्कूल के सामान, स्टेशनरी, किताबों के लिए पेरेंट्स को दिक्कतें हुई हैं. वहीं, वर्किंग लोगों में लैपटॉप और अन्य गैजेट्स की मांग बढ़ी है.

लोकल सर्कल्स के सर्वे के मुताबिक 51 फीसदी परिवारों ने माना कि उन्हें बच्चों के लिए किताबें और स्टेशनरी के साथ ही खिलौने और हॉबी के सामान ऑर्डर करने हैं जिससे बच्चे घरों के अंदर ही व्यस्त रह सकें. साथ ही कई पेरेंट्स ने कहा कि बच्चों के फुटवेयर, रेनकोट और कपड़ों की खरीदारी भी करनी है.

सर्वे के मुताबिक 40 फीसदी परिवार अगले 3 महीनों में बच्चों के लिए स्टेशनरी का सामान, स्कूल की किताबें और ऑनलाइन क्लास के लिए इक्विप्मेंट की खरीदारी की तैयारी में हैं.

वर्क फ्रॉम होम के साथ जरूरतें बढ़ीं

बिजनेस अभी भी पूरी क्षमता के साथ काम शुरू नहीं कर पाएंगी और कई सेक्टर्स में तो लंबे समय तक वर्क फ्रॉम होम जारी रहने की संभावना है. ऐसे में घर पर अप्लायंस, एसी-कूलर जैसे वाइटगुड्स की भी जरूरत बढ़ी है.

सर्वे में पाया गया कि 45 फीसदी लोग घर और वर्क फ्रॉम होम के लिए जरूरी सामान की खरीदारी की लिस्ट बना रहे हैं.

33 फीसदी लोग लैपटॉप और फोन जैसे गैजेट की खरीदारी को जरूरी मानते हैं तो वहीं 23 फीसदी लोग एयर कंडीश्नर, कूलर, फैन जैसे वाइटगुड्स को अपने कार्ट में जोड़ रहे हैं. 22 फीसदी लोग घर का सामान जैसे फर्निशिंग, बेडिंग आदि की शॉपिंग करेंगे.

सर्वे में कहा गया है कि घर से काम को सुचारू बनाने के लिए लोग राउटर, प्रिंटर, वेब कैमरा, वाईफाई एक्सटेंडर, डेस्कटॉप, लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामान की खरीदारी करने की तैयारी में हैं. वहीं, ऑनलाइन क्लास और वर्क फ्रॉम होम को आरामदायक बनाने के लिए हाउसहोल्ड सामान और वाइटगुड्स की डिमांड होगी.

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